देश की पहली RAPIDX ट्रेन का इंतजार खत्म, इस दिन PM मोदी करेंगे उद्घाटन

RAPIDEX Train
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नई दिल्‍ली: देश की पहली रैपिडएक्‍स (RAPIDX) ट्रेन का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। इसे चलाने की तैयारी पूरी हो गई है। पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra  Modi) 16 अक्टूबर को साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का उद्घाटन करने गाजियाबाद आ सकते हैं। यह दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) ही नहीं देश का पहला रिजनल रैपिडएक्स ट्रेन है, जिसको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। 

सीएम योगी आदित्यनाथ का यह ड्रीम प्रोजेक्ट

साल 2019 से ही 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर (Delhi-Ghaziabad-Meerut Corridor) का निर्माण कार्य चल रहा है। इस कॉरिडोर पर पहले चरण के लिए अब रैपिडएक्स चलाने की सभी तैयारयां पूर कर ली गई हैं। बता दें कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है। हालांकि पीएम मोदी आने की बात पीएमओ से हरी झंडी मिलने के बाद आधिकारिक तौर पर कार्यक्रम की तैयारी की जानकारी दी जाएगी। 

आइए जानते हैं रैपिडएक्स ट्रेन की क्या है खासियत

कितना अलग होगा दिल्ली मेट्रो से

 रैपिडएक्स ट्रेन शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को काफी फायदा होगा। खासकर पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद, साहिबाबाद, बुलंदशहर, बागपत,शामली और मेरठ जाने वाले लोगों की पैसे और समय दोनों की बचत होगी। इसके साथ ही ट्रैफिक जाम से भी छुटकारा मिलेगा। रैपिडएक्स ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है, लेकिन फिलहाल इसकी गतिसीमा 100 किलोमीटर रखी गई है। हर स्टेशन पर ट्रेन 5 से 10 मिनट में उपलब्ध रहेगी। रात में सिर्फ 6 घंटे के लिए ही इसका परिचालन बंद किया जाएगा।

साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किलोमीटर का सफर 12 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। NCRTC के मुताबिक साल 2025 तक दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के बीच रैपिडएक्स ट्रेन का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। 8 मार्च 2019 को पीएम मोदी ने रैपिडएक्स रेल के दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कारिडोर की नींव रखी थी।

NCRTC कर रही रैपिडएक्स का संचालन 

रैपिडएक्स का संचालन देखने वाली कंपनी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) की मानें तो इससे लोगों को सफर करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यात्रियों की संख्या अगर बढ़ती है तो इसके फेरे में बढ़ोतरी की जाएगी। अगर यात्रियों की संख्या कम रहती है तो फेरों की संख्या में कमी कर दी जाएगी। इस रूट पर पड़ने वाले पांच स्‍टेशन तैयार हो चुके हैं।

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