

PM Narendra Modi In Lok Sabha On Women Reservation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार यानी 16 अप्रैल को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर बड़ी बात कही। उन्होंने न केवल विपक्ष पर निशाना साधा बल्कि विपक्ष के हर सवाल का बड़े तर्कपूर्ण तरीके से जवाब दिया, इस बीच पीएम मोदी का मजाकिया अंदाज भी देखने को मिला यहां तक की उन्होंने विपक्ष के क्रेडिट लेने वाले आरोप का भी जवाब दिया और साफ कहा कि मैं सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।
हालांकि पीएम मोदी के बयान से पहले कई और सदस्यों ने अपनी बात खुलकर सामने रखी। महिला आरक्षण बिल का अखिलेश यादव ने समर्थन किया हालांकि उन्होंने परिसीमन का साफ तौर पर विरोध किया। आपको बता दें कि बिलों पर चर्चा के लिए 16 और 17 अप्रैल को 15 घंटे का समय तय किया गया है। कल शाम 4 बजे वोटिंग की जाएगी। संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह साफ किया कि इस बिल को लेकर उनकी मंशा क्रेडिट लेने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर आप इसका विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि इसका मुझे राजनीतिक लाभ होगा लेकिन साथ चलेंगे तो किसी को भी नहीं होगा। इसलिए हमें क्रेडिट नहीं चाहिए। जैसे ही यह पारित हो जाए मैं विज्ञापन देकर सबका धन्यवाद करने के लिए तैयार हूं। क्रेडिट आप ले लीजिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर कहा, "हमारे देश में अनुभवी नारी शक्ति की कोई कमी नहीं है। उनके सामर्थ्य में कोई कमी नहीं है, हम भरोसा कर रहे हैं कि वे योगदान देंगी और बहुत अच्छा योगदान देंगी।
पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि हमारे संसदीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ आंकड़ों का खेल या एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधार इतना सीमित नहीं है। लोकतंत्र की जननी के रूप में यह निर्णय भारत की प्रतिबद्धता है, भारत की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता है। इसी प्रतिबद्धता के कारण पंचायतों में यह व्यवस्था बनी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में साफ कहा कि हम सब जानते हैं कि हर एक ने कैसे चालाकी की है कि हम इसके पक्ष में हैं, हम इसके साथ हैं लेकिन यह कहकर हर बार कोई न कोई तकनीकी पक्ष ले आए और इसे रोका गया। हर बार ऐसी चीज़ें लाई गई है। आपको कहना नहीं है कि आप इसका विरोध कर रहे हैं इसलिए तकनीकी बहानेबाज़ी कर रहे हैं। भांति-भांति की बहानेबाजी करके इसे 3 दशक तक रोका गया।
प्रधानमंत्री के इन बयानों को सुनने के बाद यह साफ समझ आता है कि केंद्र सरकार और पूरा एनडीए गठबंधन यही चाहता है कि कैसे न कैसे करके इस बिल को पास करवाया जाए। हालांकि विपक्ष परिसीमन के मुद्दे पर सवाल उठा रहा है ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि आगे जाकर यह बहस कितनी तीखी होती है।