PM मोदी ने नामीबिया की संसद को किया संबोधित, कहा-संविधान से बड़ी कोई ताकत नहीं
PM Modi at Namibia's Parliament: प्रधानमंत्री मोदी को नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला, जिसे उन्होंने भारत-नामीबिया की अटूट मित्रता को समर्पित किया और कहा सच्चे दोस्त की पहचान मुश्किल होती है।
- Written By: अक्षय साहू
पीएम मोदी, नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह (फोटो-@narendramodi)
विंडहोक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस, प्रदान किया गया। इस सम्मान को पाने वाले वह पहले भारतीय नेता हैं। इस मौके पर पीएम मोदी ने नामीबिया की संसद को संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि संविधान की ताकत से बड़ी कोई और ताकत नहीं है।
नामीबिया के राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह ने बुधवार यह पुरस्कार उन्हें सौंपा। पीएम मोदी ने सम्मान ग्रहण करने के बाद इसे नामीबिया के लोगों और दोनों देशों के बीच “अटूट मित्रता” को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि, हमारी दोस्ती केवल राजनीति पर आधारित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, सहयोग और आपसी विश्वास से जन्मी है।
सच्चे दोस्त की पहचान मुश्किल: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह अवसर भारत और नामीबिया के बीच स्थायी मित्रता का प्रतीक है, और इससे जुड़कर उन्हें अत्यंत गर्व का अनुभव हो रहा है। उन्होंने यह सम्मान नामीबिया और भारत की जनता, उनकी निरंतर उन्नति और विकास, तथा दोनों देशों के अटूट संबंधों को समर्पित किया।
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President Dr. Netumbo Nandi-Ndaitwah and I reviewed the full range of India-Namibia relations during our talks today. Cooperation in areas such as digital technology, defence, security, agriculture, healthcare, education and critical minerals figured prominently in our… pic.twitter.com/PdpLFc2U29 — Narendra Modi (@narendramodi) July 9, 2025
भारत और नामीबिया के रिश्तों की गहराई को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सच्चे दोस्त की पहचान करना मुश्किल है। उन्होंने कहा, सच्चा दोस्त वही होता है जो कठिन समय में साथ खड़ा रहे। भारत और नामीबिया ने एक-दूसरे का साथ अपने-अपने स्वतंत्रता संग्राम के दौर से ही निभाया है। हमारी दोस्ती किसी राजनीतिक स्वार्थ से नहीं, बल्कि साझा संघर्ष, सहयोग और आपसी विश्वास की नींव पर खड़ी है। यह संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों और एक समृद्ध भविष्य के साझा सपनों से और भी सशक्त हुआ है। भविष्य की ओर देखते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, भविष्य में भी, हम विकास के पथ पर एक-दूसरे का हाथ थामे आगे बढ़ते रहेंगे।
एक मील का पत्थर: विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को यह पुरस्कार प्रदान करना भारत और नामीबिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक मील का पत्थर है, जो दोनों देशों की युवा पीढ़ियों के लिए इस विशेष द्विपक्षीय साझेदारी को और भी अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने हेतु प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह पुरस्कार 1990 में नामीबिया को स्वतंत्रता मिलने के तुरंत बाद, 1995 में विशिष्ट सेवा और नेतृत्व को मान्यता देने के लिए स्थापित किया गया था।
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ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया सम्मान नामीबिया में पाए जाने वाले एक अनोखे और प्राचीन रेगिस्तानी पौधे, वेल्वित्चिया मिराबिलिस के नाम पर, यह पुरस्कार नामीबियाई लोगों के लचीलेपन, दीर्घायु और स्थायी भावना का प्रतीक है। यह प्रधानमंत्री मोदी के लिए 27वाँ और इस दौरे का चौथा पुरस्कार है।
