किससे साथ खड़ा है भारत? कुरुक्षेत्र बनी दुनिया के लिए क्या है 'मोदी मंत्र'? जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी

PM Modi Speech: हाल ही में पीएम मोदी ने वैश्विक युद्धों के बीच भारत की रणनीति साझा की। उन्होंने शांति, संवाद और 'समबुद्धि' को दुनिया के लिए जरूरी बताया। जानिए पीएम मोदी ने और क्या कहा।
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PM मोदी (Image- Social Media)
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Global Conflict India Strategy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक उथल-पुथल और इसमें भारत की मजबूत स्थिति पर विस्तार से चर्चा की है। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कर दिया कि भारत किसी गुट का हिस्सा बनने के बजाय 'भारत के हितों' और 'शांति' के साथ खड़ा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों को आश्वस्त किया कि भले ही दुनिया में कहीं भी युद्ध हो रहा हो, भारत अपनी प्रगति की गति को रुकने नहीं देगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 के बाद से भारत चुनौतियों को टालता नहीं, बल्कि उनसे सीधे टकराता है।

कोरोना काल को पीएम मोदी ने किया याद

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना जैसी महाआपदा हो या वैश्विक युद्ध के दुष्प्रभाव, 140 करोड़ भारतीयों के एकजुट प्रयास ने हर परीक्षा को सफलतापूर्वक पार किया है। एक आम नागरिक के लिए सबसे बड़ी चिंता महंगाई और संसाधनों की कमी होती है। इस वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री ने देश को भरोसा दिलाया कि तेल और गैस की आपूर्ति सुचारु बनी रहेगी।

विपक्ष पर साधा निशाना

पीएम ने विपक्ष के उन दलों पर भी निशाना साधा जो संकट के इस समय में अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं, और कहा कि यह समय संयम और संवेदनशीलता का है। आज भारत केवल अपनी प्रगति के बारे में नहीं सोच रहा, बल्कि वह ग्लोबल साउथ और अपने पड़ोसी देशों के लिए एक 'विश्वस्त साझेदार' बनकर उभरा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि 2004 से 2010 के बीच सरकार ने 1.48 लाख करोड़ रुपये के तेल बांड जारी किए, जबकि उस समय पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें संकट में थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश के बजाय अपनी सत्ता को प्राथमिकता दी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं माना था कि यह निर्णय गलत था और इससे आने वाली पीढ़ियों पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दूर से सरकार चलाने वालों ने जवाबदेही के अभाव में सत्ता बचाने के लिए यह गलत कदम उठाया। उन्होंने बताया कि इन बांडों का भुगतान 2020 के बाद शुरू हुआ और ब्याज सहित यह राशि 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई, जिसे चुकाने का बोझ देश पर पड़ा।

अपने हितों, शांति और संवाद के साथ खड़ा है भारत

वैश्विक स्थिति पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया कई गुटों में विभाजित है, लेकिन भारत ने सभी के साथ मजबूत और व्यापक साझेदारी बनाई है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद ऊर्जा आपूर्ति की चुनौतियों के बीच भारत ने खाड़ी देशों से लेकर अन्य क्षेत्रों तक भरोसेमंद संबंध कायम रखे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत किसी गुट के साथ नहीं, बल्कि अपने हितों, शांति और संवाद के साथ खड़ा है।

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