PM मोदी की मां के AI वीडियो पर हाईकोर्ट का डंडा, कांग्रेस को तुरंत हटाने का सख्त आदेश

Congress की Bihar यूनिट की ओर से एक AI वीडियो जारी हुआ था, जिसमें PM की मां को दिखाया गया था। इस पर काफी विवाद हुआ और BJP ने इसे पीएम नरेंद्र मोदी की मां का अपमान बताया था। अब हाईकोर्ट ने फटकार लगाई।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां हीराबेन मोदी के एआई वीडियो के दृश्य
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PM Modi Mother Heeraben Modi AI video Controversy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां हीराबेन मोदी पर बने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वीडियो को लेकर छिड़ा सियासी तूफान अब अदालत तक पहुंच गया है। इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने कांग्रेस पार्टी को कड़ी फटकार लगाते हुए वीडियो को तत्काल सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया है। बिहार कांग्रेस के एक्स हैंडल से जारी इस वीडियो पर भारतीय जनता पार्टी ने गहरी आपत्ति जताते हुए इसे प्रधानमंत्री और उनकी मां का अपमान करार दिया था, जिसके बाद यह विवाद लगातार गहराता जा रहा था।

यह पूरा विवाद 10 सितंबर को बिहार कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो से शुरू हुआ। इस AI-जनरेटेड वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी के सपने में उनकी मां को दिखाया गया था। वीडियो में हीराबेन मोदी का AI किरदार अपने बेटे को राजनीतिक लाभ के लिए उनके नाम का इस्तेमाल न करने की नसीहत देता नजर आता है। वीडियो पर "AI GENERATED" का मार्क भी था, लेकिन भाजपा ने इसे एक घिनौनी हरकत बताते हुए मां-बेटे के पवित्र रिश्ते का अपमान बताया और कानूनी कार्रवाई की मांग की।

सियासी घमासान और कानूनी कार्रवाई

वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने इस पर आक्रामक रुख अपना लिया। भाजपा कार्यकर्ता संकेत गुप्ता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने 13 सितंबर को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कांग्रेस नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। शिकायत में यह आरोप लगाया गया कि यह वीडियो न केवल प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने का प्रयास है, बल्कि यह महिलाओं की गरिमा का भी उल्लंघन करता है। इसी मामले को लेकर भाजपा ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश पी.बी. बाजंतरी की अदालत ने मामले की सुनवाई की।

कांग्रेस का बचाव और अंदरूनी जांच

दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस वीडियो का बचाव किया। पार्टी के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि वीडियो में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और एक मां केवल अपने बेटे को राजधर्म सिखा रही है। उन्होंने भाजपा पर इस मुद्दे का इस्तेमाल सहानुभूति बटोरने के लिए करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि वीडियो में कहीं भी असम्मान नहीं दिखाया गया है। इस बीच, विवाद को बढ़ता देख बिहार कांग्रेस ने एक आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस वीडियो को साझा करने के लिए कौन जिम्मेदार था।

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