TMC के बागी नेताओं को देख भड़का विपक्षी दल, सर्वदलीय बैठक से किया वॉकआउट, मानसून सत्र से पहले हंगामा शुरू
Parliament Monsoon Session All-Party Meeting: संसद के मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने TMC के बागी नेताओं की मौजूदगी पर वॉकआउट किया। सरकार ने सदन चलाने के लिए सहयोग मांगा।
- Written By: प्रिया जैस
मानसून सत्र से पहले हंगामा (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले केंद्र सरकार ने रविवार को सभी राजनीतिक दलों की सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। राजनाथ सिंह सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे है। सर्वदलीय बैठक की शुरुआत होने से पहले ही विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का कहना है कि उन्होंने संविधान बचाने के लिए वॉकआउट किया गया। विपक्ष मानसून सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक में तृणमूल कांग्रेस के बागी नेताओं को देखकर भड़क गया।
बैठक में सरकार दोनों सदनों की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील करेगी। TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, “आज कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK, JMM, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, लेफ्ट पार्टियां और शिवसेना (UBT) समेत पूरा विपक्ष सर्वदलीय बैठक से विरोध स्वरूप बाहर निकल आया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि तथाकथित NCPI (जो एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी है) के मामले में, टेबल ऑफिस द्वारा दी गई सूची में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की संख्या 28 सदस्य दिखाई गई है।”
#WATCH | Delhi: TMC MP Mahua Moitra says, “Today, the entire opposition including Congress, the Samajwadi Party, DMK, JMM, Aam Aadmi Party, National Conference, Left parties, Shiv Sena UBT have all walked out of the all party meeting in protest because the so-called NCPI, which… pic.twitter.com/I3b3sdjqVK — ANI (@ANI) July 19, 2026
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टीएमसी के बागी नेताओं को देख किया वॉकआउट
महुआ मोइत्रा ने आगे कहा, “इन तथाकथित बागी 20 सांसदों के विलय को स्पीकर ने मंजूरी नहीं दी है। अयोग्यता से जुड़ी 20 याचिकाएं अभी भी लंबित हैं। 91वें संशोधन के बाद, किसी अलग गुट के लिए कोई गुंजाइश नहीं है। तो संसदीय कार्य मंत्री ने किन आधारों पर इन 20 बागी सांसदों को निमंत्रण दिया और वे इस बैठक में कैसे शामिल हो रहे हैं? हमने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है और विरोध के प्रतीक के तौर पर बैठक से बाहर निकल आए हैं। और हम अपनी सभी विपक्षी पार्टियों का धन्यवाद करते हैं।”
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तृणमूल कांग्रेस के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के सांसदों ने भी वॉकआउट किया था। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, “कांग्रेस ने संविधान की रक्षा के लिए सदन से वॉकआउट किया है। अंतिम फैसले के बिना कोई अनुमान लगाना पूरी तरह से असंवैधानिक है।”
ये लोकतंत्र की हत्या – आप
सर्वदलीय बैठक से विपक्ष के वॉकआउट करने पर AAP सांसद एन. डी. गुप्ता ने कहा, “हमारे मामले में, राज्यसभा के 10 सांसदों में से 7 को हाईजैक कर लिया गया है, और यह सही है या नहीं, इस पर हमारी याचिका अभी भी लंबित है। इसके बावजूद, उन्हें राज्यसभा में अलग स्वतंत्र सीटें आवंटित कर दी गई हैं और हमसे यह अधिकार छीन लिया गया है। यह लोकतंत्र का हाईजैक और उसकी हत्या है।”
Delhi: On the Opposition staging a walkout from the all-party meeting, AAP MP N. D. Gupta says, “In our case, out of the 10 MPs of the Rajya Sabha, 7 have been hijacked, and our petition to decide whether this is valid or not is pending. In spite of this fact, they have allotted… pic.twitter.com/kMdjA8VBh8 — IANS (@ians_india) July 19, 2026
विपक्ष ने वापस बैठक में लिया हिस्सा
हालांकि, सर्वदलीय बैठक से वॉकआउट करने वाले विपक्षी नेताओं ने बाद में बैठक में फिर से हिस्सा लिया और अपने वॉकआउट को सांकेतिक विरोध बताया। आपको जानकारी दें, कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। इस चार सप्ताह के सत्र में कुल 19 बैठकें निर्धारित हैं। भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद के दोनों सदनों का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त, 2026 तक बुलाने को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि यह सत्र राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा और निर्णय के लिए आयोजित किया जा रहा है।
