ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं! खरगे और राहुल गांधी ने PM नरेंद्र मोदी को लिखा खत, राम मंदिर मामले पर अब उठाई आवाज

Rahul Gandhi Letter on Ram Mandir: कांग्रेस आलाकमान राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राम मंदिर चढ़ावा मामले में स्वतंत्र और व्यापक जांच की मांग की।
ram mandir mallikarjun kharge and rahul gandhi letter to pm narendra modi
मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने राम मंदिर मामले पर लिखा पत्र (सौजन्य-IANS)
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Mallikarjun Kharge Letter on Ram Mandir: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र और व्यापक जांच कराने की मांग की है। खरगे ने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था, भक्ति और भरोसे के साथ अपनी मेहनत की कमाई दान की थी, इस चोरी से वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने अपने संयुक्त पत्र में लिखा, "आप श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हजारों करोड़ रुपए की कथित चोरी से भली-भांति परिचित हैं। लाखों श्रद्धालु, जिन्होंने श्रद्धा, भक्ति और विश्वास के साथ अपनी मेहनत की कमाई दान की, इस चोरी से स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।"

कांग्रेस नेताओं ने लिखा पत्र

कांग्रेस नेताओं ने लिखा, "आपने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर संसद में ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी, लेकिन इसके सदस्यों की नियुक्ति पूरी तरह से आपकी सरकार ने की है। यह बात जगजाहिर है कि ट्रस्ट के सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और उनसे जुड़े संगठनों से संबद्ध हैं। इसके पूर्व महासचिव (चंपत राय) भी आपके करीबी सहयोगी थे।"

खरगे और राहुल गांधी ने लिखा ने की मांग

मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने लिखा कि ऐसे अपराध के मामले में आपकी चुप्पी स्वीकार्य नहीं है। जवाबदेही तय करना और नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करना आपका कर्तव्य है।

https://twitter.com/kharge/status/2078692836795637900

स्वतंत्र और व्यापक जांच की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने पत्र में लिखा, "हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप तुरंत ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र और व्यापक जांच का आदेश दें, जिसमें नकद, सोना और चांदी सहित सभी चढ़ावे का प्रबंधन भी शामिल हो। जांच रिपोर्ट और ट्रस्ट के खाते सार्वजनिक किए जाने चाहिए ताकि हर श्रद्धालु को पता चल सके कि उनके चढ़ावे का किस तरह इस्तेमाल किया गया है।"

उन्होंने यह भी कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उनके पद या प्रभाव की परवाह किए बिना उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। पत्र में कहा गया कि केंद्र सरकार और ट्रस्ट की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि इस मामले में कितनी पारदर्शिता और तत्परता से कार्रवाई की जाती है।

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