पंडवानी को दुनिया में दिलाई पहचान... पद्म पुरस्कारों से सम्मानित तीजन बाई के निधन पर पीएम मोदी ने जताया दुख

Teejan Bai Death: छत्तीसगढ़ की लोककला को दुनिया भर में पहचान दिलाने वाली लोकगायिका तीजन बाई का निधन हो गया। उनके निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह ने गहरा दुख जताया है।
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तीजन बाई के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने जताया दुख (सौजन्य-IANS)
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PM Narendra Modi Condolences Teejan Bai Death:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने कहा कि तीजन बाई का जाना कला और संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। तीजन बाई कुछ समय से बीमार चल रही थीं। उन्होंने 70 वर्ष की उम्र में रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जाना कला और संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।"

राजनाथ सिंह ने जताया शोक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर दुख जताया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, "लोक कलाओं के क्षेत्र में अपनी गायकी से अमिट छाप छोड़ने वाली लोकप्रिय पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन से मुझे गहरी वेदना की अनुभूति हुई है। छत्तीसगढ़ की कला को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनका जाना कला और संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।"

https://twitter.com/rajnathsingh/status/2073609182893527180

राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा अंतिम संस्कार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "तीजन बाई अब हमारे बीच नहीं रहीं। वह एक मशहूर पंडवानी गायिका थीं और उन्हें पद्म श्री और पद्म विभूषण जैसे सम्मानों से नवाजा गया था। हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें। तीजन बाई छत्तीसगढ़ का गौरव और सम्मान थीं। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।"

पद्म पुरस्कारों से सम्मानित तीजन बाई

बता दें कि तीजन बाई कुछ समय से बीमार चल रही थीं। उन्होंने 70 वर्ष की उम्र में रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली। तीजन बाई का जन्म साल 1956 में छत्तीसगढ़ के भिलाई के पास स्थित गनियारी गांव में हुआ था। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला पंडवानी को नई पहचान दिलाई। पंडवानी एक ऐसी लोककला है, जिसमें महाभारत की कहानियों को गायन और अभिनय के जरिए मंच पर प्रस्तुत किया जाता है।

देश के लिए उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने साल 1988 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। इसके बाद 2003 में पद्म भूषण और 2019 में देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया। इसके अलावा, उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित कई अन्य बड़े सम्मान भी मिले।

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