रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह। इमेज-सोशल मीडिया
Rajnath Singh News: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज बिना नाम लिए पड़ोसी देशों-पाकिस्तान और चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारा पड़ोसी जरा सिरफिरा है। कब क्या हरकत कर दे कुछ कहा नहीं जा सकता है। हमें न जाने कब हथियारों की जरूरत पड़ जाए, इसलिए डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा। रक्षा मंत्री ने नागपुर में ये बात कही। वे इकोनॉमिक्स एक्सप्लोसिव कंपनी के दौरे पर पहुंचे थे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा उत्पादन क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर की भूमिका 50% होनी चाहिए। हमने तय किया है कि देश के सभी सिस्टम, पूरा सब सिस्टम स्वदेशी बनाएंगे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि डिफेंस सेक्टर को हमलोग आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार इसका आग्रह कर रहे हैं। एक समय था कि पूरा डिफेंस सेक्टर पब्लिक सेक्टर तक सीमित था। उस दौर में प्राइवेट सेक्टर के बारे में तो कोई सोच नहीं सकता था। हमें प्राइवेट सेक्टर की पोटेंशियल पर पूरा भरोसा था। विश्वास था। हर जगह फोक्स्ड डेवलपमेंट की धारा बह रही है। शिक्षक से लेकर तकनीक तक हर क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर अहम भूमिका निभा रहा।
Speaking at the inaugural ceremony of Medium Caliber Ammunition Facility constructed by Solar Industries in Nagpur. https://t.co/Dl5stvdPy7 — Rajnath Singh (@rajnathsingh) January 18, 2026
राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि भारत हथियारों के उत्पादन का ग्लोबल हब बने। 88 घंटे तक ऑपरेशन चला, लेकिन वह 88 घंटे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इसको शब्दों में बताना मुश्किल है। ऐसा ऑपरेशन में हर मिनट-हर फैसला का महत्व होता है, जब ऑपरेशन इतना इंटेंस होते हैं तो उसकी तैयारी भी इतनी व्यापक, उतनी मजबूत होनी चाहिए।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज हम चारों ओर नजर देख डालें तो तरह-तरह के युद्ध दिख रहे हैं। कुछ संघर्ष जो कई वर्षों से चल रहे। रूस-यूक्रेन कुछ महीनों से चल रहा है। कुछ ऐसे, जो कुछ घंटे तक चले हैं। ऐसे कई युद्ध हुए हैं, जो चल भी रहे हैं। किसी प्रकार के युद्ध को उसके तरीके को उसके स्वरूप को देख लीजिए यह स्पष्ट रूप से समझ में आती है, उसकी इंटेंसिटी भी बढ़ती जा रही है। उसकी तैयारी युद्ध स्तर पर होनी चाहिए। युद्ध स्वभाव, वार का नेचर तेजी से बदल रहा है।