प्याज की माला पहनकर संसद पहुंचे विपक्षी सांसद, ‘किसानों को MSP दो’ के लगाए नारे
प्याज की माला पहनकर विपक्षी गठबंधन के सदस्यों ने संसद पहुंचकर प्रदर्शन किया और किसानों के लिए फसल का उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की। सांसदों ने संसद भवन के ‘मकर द्वार' के निकट विरोध प्रदर्शन किया।
- Written By: रीना पंवार
(सौजन्य सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : अपनी मांगों को लेकर विपक्षी दल के सदस्यों ने गुरुवार को संसद पहुंचकर अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ ( इंडिया) के विभिन्न घटक दलों के कई सदस्य प्याज की माला पहनकर संसद पहुंचे और किसानों के लिए फसल का उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने की मांग की।
विपक्षी दल सरकार से लगातार यह मांग कर रहे हैं कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाए। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के निकट विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ‘किसान को एमएसपी दो’ और ‘किसानों से अन्याय बंद करो’ के नारे भी लगाए।
प्याज की माला पहनकर किया प्रदर्शन
विरोध प्रदर्शन के दौरान तृणमूल सांसद प्रसून बनर्जी, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सांसद महुआ माझी और कई अन्य सांसदों ने प्याज की माला पहन रखी थी। इस दौरान शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि तेदेपा और जदयू को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया गया है, लेकिन किसानों को एमएसपी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हम किसानों के लिए एमएसपी की मांग उठा रहे हैं। शिवसेना सांसद ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र ने जो किसानों के लिए प्यााज के निर्यात पर रोक लगा रखी है उसे भी खत्म किया जाना चाहिए।
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प्याज के निर्यात से हटाया प्रतिबंध
इससे पहले सरकार ने बुधवार को संसद को सूचित किया कि जुलाई तक, चालू वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 2.60 लाख टन प्याज का निर्यात किया गया था। सरकार ने 4 मई, 2024 से प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध हटा लिया है और 550 अमेरिकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन के न्यूनतम निर्यात मूल्य (MEP) और 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क के साथ निर्यात की अनुमति दी है।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने एक लिखित उत्तर में लोकसभा को सूचित किया था कि 31 जुलाई, 2024 तक, चालू वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 2.60 लाख टन प्याज का निर्यात किया गया था। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण बफर के लिए एनसीसीएफ और नैफेड के माध्यम से मुख्य रूप से महाराष्ट्र से 4.68 लाख टन प्याज खरीदा है। बफर स्टॉक को किसी भी आपात स्थिति से निपटने और कीमतों को स्थिर करने के लिए बनाए रखा जाता है, अगर आपूर्ति सीजन के दौरान कीमतें काफी बढ़ जाती हैं।
मंत्री ने कहा कि पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष में प्याज किसानों द्वारा प्राप्त मूल्य काफी अधिक रहा है। अप्रैल से जुलाई, 2024 के बीच महाराष्ट्र में प्याज की औसत मासिक मंडी मॉडल कीमतें 1,230 रुपये से 2,578 रुपये प्रति क्विंटल के बीच थीं, जबकि पिछले साल (2023) इसी अवधि के लिए यह 693 रुपये से 1,205 रुपये प्रति क्विंटल थी।
( एजेंसी इनपुट के साथ)
