महिला आरक्षण की जंग! संसद सत्र से पहले इंडिया ब्लॉक की आज अहम बैठक, बनाएंगे सरकार को घेरने का प्लान

Womens Reservation Bill: महिला आरक्षण, परिसीमन और लोकसभा सीटों के मुद्दे पर रणनीति बनाने के लिए आज दिल्ली में 'इंडिया ब्लॉक' की अहम बैठक होगी, जिसमें विपक्ष सरकार को घेरने की साझा योजना तैयार करेगा।
INDIA Block Meeting
महिला आरक्षण पर इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक (सोर्स- सोशल मीडिया)
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INDIA Block Meeting: केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण, परिसीमन और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी बीच विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गया है। इन मुद्दों पर चर्चा के लिए विपक्षी दलों की एक अहम बैठक आज दोपहर 3 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित आवास (10 राजाजी मार्ग) पर आयोजित होगी।

15 अप्रैल 2026 को होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण, आगामी संसद सत्र और सरकार को घेरने की रणनीति पर विचार-विमर्श करना है। बैठक में विपक्षी एकता को मजबूत करने और साझा रुख तय करने पर जोर रहेगा।

मसौदे को लेकर नया घमासान

इंडिया ब्लॉक ने सरकार पर आरोप लगाया है कि महिला आरक्षण बिल का आधिकारिक मसौदा सांसदों को बेहद कम समय में दिया गया, जिससे गंभीर चर्चा की गुंजाइश कम हो जाती है। उनका कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर रही है और इस मुद्दे को चुनावी लाभ, खासकर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में महिला वोटरों को साधने के लिए इस्तेमाल कर रही है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद सत्र बुलाया है, जिसमें महिला आरक्षण को लागू करने की कोशिश की जाएगी। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ऊर्जा संकट जैसे अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह कदम उठा रही है और परिसीमन व सीटों में समानुपातिक बढ़ोतरी के जरिए राज्यों के बीच असंतुलन पैदा हो सकता है।

प्रस्तावित फॉर्मूले से विपक्ष असहमत

सीटों के प्रस्तावित फॉर्मूले को लेकर भी विपक्ष ने असहमति जताई है। उनका कहना है कि इससे बड़े और छोटे राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का अंतर और बढ़ जाएगा। उदाहरण के तौर पर, तेलंगाना और मध्य प्रदेश, तमिलनाडु-पुडुचेरी और उत्तर प्रदेश, तथा केरल और बिहार के बीच सीटों का अंतर और ज्यादा बढ़ सकता है। इसके अलावा विपक्ष ने सरकार पर ओबीसी महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने के बजाय नई जातिगत जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया जाना चाहिए। विपक्ष का तर्क है कि महिला आरक्षण बिल 2023 में पारित हो चुका है और इसे 2024 से लागू किया जा सकता था, लेकिन सरकार ने इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़कर टाल दिया।

बंगाल चुनाव के बाद बैठक की मांग

विपक्षी दलों ने यह भी मांग की है कि पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को मतदान के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाकर व्यापक चर्चा की जाए, लेकिन सरकार चुनाव के बीच ही संसद सत्र बुलाने पर अड़ी हुई है।

लोकसभा में संविधान संशोधन पारित कराने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी, जो विपक्ष में टूट के बिना मुश्किल नजर आता है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, सत्ता पक्ष के पास 293, विपक्ष के पास 240 और अन्य के पास 11 सीटें हैं, जबकि दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा 364 है।

सरकार को विपक्षी दलों में फूट की उम्मीद

ऐसे में सरकार को विपक्षी दलों में फूट की उम्मीद है। इस बीच राहुल गांधी द्वारा पश्चिम बंगाल में रैली के दौरान बीजेपी के साथ-साथ ममता बनर्जी सरकार पर भी निशाना साधने से विपक्षी एकता पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि भले ही तृणमूल कांग्रेस बैठक में शामिल न हो, लेकिन वह सरकार के खिलाफ अपने रुख पर कायम है।

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