

Operation Sindoor Martyrs: केंद्र सरकार ने पहल बार ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए भारतीय सैनिकों के नाम सार्वजनिक किए हैं। इन छह वीर जवानों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल की आधिकारिक वेबसाइट के 'रोल ऑफ ऑनर' सेक्शन में दर्ज किए गए हैं। साथ ही नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल की स्मृति दीवार पर भी उनके नाम अंकित किए गए हैं। यह पहला आधिकारिक अवसर है जब सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए सैनिकों की पहचान सार्वजनिक की है।
नेशनल वॉर मेमोरियल में दर्ज सूची के अनुसार शहीद होने वाले जवानों के नाम-
इन सभी के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल की 'वॉल 3D' पर भी अंकित किए गए हैं, जो देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को समर्पित है।
भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष के दौरान सैन्य नुकसान को लेकर कई तरह की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन सरकार ने अब तक ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की थी। अब नेशनल वॉर मेमोरियल के 'रोल ऑफ ऑनर' में इन नामों के शामिल होने के साथ ही यह पहली आधिकारिक पुष्टि मानी जा रही है कि इस अभियान में किन सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया।
जारी सूची से स्पष्ट होता है कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना दोनों के जवान शहीद हुए थे। इससे इस अभियान की संयुक्त सैन्य प्रकृति भी सामने आती है। शहीदों में राइफलमैन सुनील कुमार, जिन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया, और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार, जिन्हें वायु सेना मेडल प्राप्त है, भी शामिल हैं।
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 को की गई थी। यह सैन्य कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू की गई, जिसमें 26 नागरिकों, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे, की मौत हो गई थी।
इसके जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकवाद से जुड़े नौ ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया। बाद में दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) के बीच बातचीत के बाद 10 मई 2025 को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी थी।