थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Army Chief General Upendra Dwivedi Says Must Be Ready for War: भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसने देश की रक्षा तैयारियों और पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश देने की रणनीति को उजागर किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह निर्णायक कार्रवाई तो बस एक झलक थी और भविष्य में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारतीय सेना पूरी तरह से तैयार है। जनरल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवादियों और उनके समर्थकों के साथ समान व्यवहार करेगा और अपनी पूरी ताकत से जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को करारा सबक सिखाने की बात कही और इस बात पर जोर दिया कि बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते।
थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि भारत ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकवाद के बुनियादी ढांचे पर जो निर्णायक कार्रवाई की थी, वह ‘ऑपरेशन सिंदूर 1.0’ (Operation Sindoor) का केवल एक ट्रेलर था, जो 88 घंटों में खत्म हो गया था। उन्होंने कहा कि “फिल्म तो अभी शुरू भी नहीं हुई थी, सिर्फ ट्रेलर दिखाया गया था।”
जनरल द्विवेदी ने कहा कि अगर पाकिस्तान हमें कोई मौका देता है, तो भारत उसे यह उचित सबक सिखाना चाहेगा कि एक जिम्मेदार राष्ट्र को अपने पड़ोसियों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से यह सबक मिला है कि निर्णय लेने के लिए समय बहुत कम होता है, इसलिए हर स्तर पर तैयार रहना और तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवादियों और उनके समर्थकों के साथ एक जैसा व्यवहार करेगा। जो लोग आतंकवादियों को बढ़ावा देंगे उन्हें जवाब दिया जाएगा। उन्होंने ‘बेरंग चिट्ठी’ जैसे हमलों, जिनकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता का जिक्र करते हुए कहा कि हम जानते हैं कि किसे जवाब देना है।
थलसेना प्रमुख ने जोर दिया कि अगर 88 घंटे तक लड़ाई चलती है, तो हमें अपनी पूरी ताकत लगानी होगी। उन्होंने ‘थिएटराइजेशन’ (सेना के तीनों अंगों- थलसेना, वायुसेना और नौसेना के एकीकरण) को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा, “अगर हमें किसी को हराना है और उसे भारत की ताकत के बारे में बताना है, तो हमें अपनी पूरी ताकत एक साथ लगानी होगी। उस समय हमारे पास चर्चा करने का समय नहीं होगा।” इस तरह के हालात में थिएटर कमांडरों को कार्रवाई शुरू करने के लिए संसाधन और जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
जनरल द्विवेदी ने पाकिस्तान के लिए ‘न्यू नॉर्मल’ को एक बड़ी चेतावनी बताया। उन्होंने कहा कि जब राज्य प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा दिया जाता है तो यह भारत के लिए चिंता का विषय बन जाता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि “पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते,” यानी बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं हो सकते। भारत शांतिपूर्ण प्रक्रिया के पक्ष में है और सहयोग करेगा लेकिन आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनरल द्विवेदी ने पाकिस्तान की परमाणु धमकी का अप्रत्यक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि भारत इतना समृद्ध है कि हम किसी भी ब्लैकमेल से नहीं डरेंगे। उन्होंने भविष्य के युद्धों के बारे में कहा कि हम नहीं जानते कि युद्ध कितना लंबा चलेगा। हमने 88 घंटे युद्ध लड़ा, लेकिन कल यह चार महीने या चार साल तक चल सकता है। हमें चार साल के लिए भी खुद को तैयार रखना होगा।
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जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर, जनरल ने बताया कि 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद स्थिति में काफी सुधार हुआ है, जिससे राजनीतिक स्पष्टता आई है और आतंकवाद में भारी कमी आई है। चीन के साथ संबंधों पर, उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के नेतृत्व के बीच बातचीत के बाद पिछले एक साल में संबंधों में सुधार हुआ है।