'वाजपेयी की BJP अलग थी अब पहले जैसी...' कांग्रेस का PM पर निशाना, बताई रणनीति

Operation Sindoor Debate: जयराम रमेश ने कल ऑपरेशन सिंदूर पर होने वाली चर्चा को लेकर ट्विटर पर कुछ सवाल सार्वजनिक किये है। उन्होंने पहले वाली भाजपा की तुलना करते हुए कई तर्क सामने रखे हैं।
'ऑपरेशन सिंदूर' क्यों रोका गया? कांग्रेस ने मोदी पर साधा निशाना, वाजपेयी को किया याद
पीएम नरेन्द्र मोदी व कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (फोटो- सोशल मीडिया)
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Congress on Pahalgam Attack: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुए इस सैन्य अभियान को बीच में ही रोके जाने को लेकर जयराम रमेश ने पीएम नरेंद्र मोदी की आलोचना की है। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को भी गंभीरता से उठाया है। वहीं, रमेश ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार की पारदर्शिता और निर्णय क्षमता की मिसाल देते हुए मौजूदा बीजेपी से तुलना की है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस पूरे मामले को संसद के मानसून सत्र में प्रमुख मुद्दा बनाने की रणनीति तैयार की है। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि कांग्रेस ने हमले के बाद 2 दिन का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी, जिसे सरकार ने लंबे समय तक नजरअंदाज किया। अब जब संसद में चर्चा के लिए समय तय हुआ है, कांग्रेस ने कई तथ्य और सवाल पहले ही सार्वजनिक कर दिए हैं, जिससे सरकार पर दबाव बनाया जा सके।

पहलगाम हमला और 'ऑपरेशन सिंदूर' पर कांग्रेस के सवाल

जयराम रमेश के द्वारा उठाय गए सवाल-

  •  पहलगाम आतंकी हमला 22 अप्रैल, 2025 को हुआ था और इसके ज़िम्मेदार आतंकवादी अभी तक पकड़े नहीं गए हैं। बताया जा रहा है कि वे पुंछ (दिसंबर 2023) और गंगागीर व गुलमर्ग (अक्टूबर 2024) में हुए पहले के आतंकी हमलों में शामिल थे।
  •  कांग्रेस के कहने पर 22 अप्रैल, 2025 को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी और इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नहीं, बल्कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी।
  •  30 मई, 2025 को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के पहले दो दिनों में हुई रणनीतिक गलतियों पर अहम खुलासे किए।
  • 29 जून, 2025 को इंडोनेशिया में भारतीय रक्षा अताशे ग्रुप कैप्टन शिव कुमार ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सैन्य अभियान राजनीतिक फैसलों के कारण बाधित हुए और उन्होंने हमारे विमानों के नुकसान का भी संकेत दिया।
  •  4 जुलाई, 2025 को उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने खुलासा किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों के मामले में चीन की बराबरी की थी और यह नई जानकारी थी।
  •  14 जुलाई, 2025 को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्वीकार किया कि पहलगाम हमला एक सुरक्षा चूक थी।

ट्रंप के बयान और वाजपेयी की तुलना से उठे सवाल

जयराम रमेश ने डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को गंभीर बताया जिसमें उन्होंने कहा कि भारत के पांच लड़ाकू विमान मार गिराए जा सकते थे और उन्होंने भारत को व्यापार बंद करने की धमकी देकर युद्ध रोका। रमेश ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ को लंच पर बुलाया जाना और अमेरिका की पाकिस्तान की तारीफ चिंता का विषय है।

कारगिल समीक्षा समिति की भी चर्चा की

इसके साथ ही रमेश ने वाजपेयी सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा कि 1999 में कारगिल युद्ध के तीन दिन बाद ही 'कारगिल समीक्षा समिति' गठित कर दी गई थी, जिसकी रिपोर्ट ‘From Surprise to Reckoning’ संसद में रखी गई। उस समय राजनीतिक इच्छाशक्ति और पारदर्शिता थी, जो अब नजर नहीं आती।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर उठते सवाल और ट्रंप के दावे मोदी सरकार के लिए चुनौती बन सकते हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में गरमा सकती है। वाजपेयी सरकार की कार्यप्रणाली को उदाहरण बनाकर मौजूदा नेतृत्व पर हमला करना कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा दिख रहा है। अब देखना यह होगा कि संसद में इस पर सरकार क्या जवाब देती है और क्या 'ऑपरेशन सिंदूर' की असली सच्चाई सामने आएगी?

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