

Indian Navy Chief on Operation Sindoor: समंदर में भारत की सामरिक शक्ति बढ़ाने वाले दो युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि मंगलवार को नौसेनाम में शामिल हो गए। इस मौके पर बोलते हुए इंडियन नेवी के चीफ एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने एक ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा ऐसा खुलासा किया जिसके बारे में अब तक किसी को नहीं पता था।
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अनिश्चितता और प्रतिस्पर्धा के इस दौर में, समुद्र में भारी बल प्रदान करने की भारतीय नौसेना की क्षमता भारत के दुश्मनों के खिलाफ एक विश्वसनीय निवारक के रूप में कार्य करती है। हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसका बखूबी प्रदर्शन किया।
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने आगे कहा कि हमारी इकाइयों की त्वरित तैनाती और आक्रामक रुख ने पाकिस्तानी नौसेना को लगभग बंधक बना लिया और उन्हें हमसे आक्रामक कार्रवाई बंद करने का अनुरोध करने पर मजबूर कर दिया।
नौसेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से कहा कि आपने कुछ दिन पहले विक्रांत के डेक पर भारतीय नौसेना से कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और अगर अगली बार ज़रूरत पड़ी, तो संभव है कि शुरुआत हमारी नौसेना द्वारा की जाए।
वहीं, इस खास मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय नौसेना की भूमिका को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए उस कायराना हमले को ज़्यादा समय नहीं हुआ है। आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों का धर्म पूछकर उनकी हत्या कर दी थी। हमारे निर्दोष नागरिकों पर वह हमला हमें उकसाने के लिए किया गया था। हमने बिना किसी उकसावे के, बहुत सोच-समझकर, एक प्रभावी और सटीक जवाब दिया।
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर चलाकर हमने आतंकवादी ठिकानों को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया और उसे अंजाम दिया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमारे सशस्त्र बलों ने पूरी दुनिया को दिखाया कि हम कैसे कार्रवाई कर सकते हैं। उस ऑपरेशन के दौरान युद्धपोतों की त्वरित तैनाती के संबंध में भारतीय नौसेना की योजना और क्रियान्वयन भी बहुत प्रभावी था।