अब भारत के पास भी होंगी बेहद घातक जेवलिन मिसाइलें, खबर सुनते ही दुश्मन देशों में मची खलबली
India US Defence Deal: भारत ने अमेरिका से 100 FGM-148 जेवलिन राउंड, एक जेवलिन FGM-148 मिसाइल, 25 कमांड लॉन्च यूनिट, मिसाइल सिमुलेशन राउंड, स्पेयर पार्ट्स और लाइफसाइकिल सपोर्ट की डील की है।
- Written By: रंजन कुमार
जैवलिन मिसाइल। इमेज-सोशल मीडिया
India-US Defence Deal: भारत को जल्दी अमेरिका से घातक मिसाइलें और हथियार मिलेंगे। दोनों देशों के बीच डील पक्की होने की खबर मिलते ही दुश्मन देशों में खलबली मच गई है। अमेरिका ने बुधवार को भारत के लिए 822 करोड़ रुपये के दो प्रमुख सैन्य उपकरणों की बिक्री को मंजूरी दी।
अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने अपनी अधिसूचना में कहा कि नई दिल्ली को जल्द जेवलिन मिसाइल सिस्टम (Javelin missiles) और एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल (Excalibur artillery) के साथ अन्य उपकरण दिए जाएंगे।
भारत ने मांगे थे हथियार
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने कहा है कि अमेरिकी विदेश विभाग ने 45.7 मिलियन डॉलर की अनुमानित लागत से जेवलिन मिसाइल सिस्टम और संबंधित उपकरणों की संभावित बिक्री को मंजूरी दी है। भारत ने 100 FGM-148 जेवलिन राउंड, एक जेवलिन FGM-148 मिसाइल (फ्लाई-टू-बाय), 25 कमांड लॉन्च यूनिट, मिसाइल सिमुलेशन राउंड, स्पेयर पार्ट्स और लाइफसाइकिल सपोर्ट आदि मांगे थे।
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भारत की ताकत बढ़ेगी
अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने कहा है कि इस प्रस्तावित डील से मौजूदा और भविष्य के खतरों का मुकाबला करने, अपनी रक्षा को मजबूत करने और क्षेत्रीय खतरों को रोकने की भारत की क्षमता में सुधार होगा। एजेंसी ने यह भी कहा कि यह डील अमेरिका और भारत के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में भी मददगार साबित होगी। एजेंसी के अनुसार उसने आवश्यक प्रमाणीकरण प्रदान कर दिया है और कांग्रेस को सूचित कर दिया गया है। उसी दिन DSCA ने दूसरी अधिसूचना में कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग ने 47.1 मिलियन डॉलर की अनुमानित लागत से एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल और संबंधित उपकरणों की संभावित बिक्री को मंजूरी दे दी है। इस बिक्री में 216 M982A1 एक्सकैलिबर सामरिक प्रोजेक्टाइल, सहायक उपकरण, अग्नि नियंत्रण प्रणाली, अमेरिकी सरकार की तकनीकी सहायता आदि हैं।
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हमले की सटीकता बढ़ेगी
इस अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि इस उपकरण की प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र में बुनियादी सैन्य संतुलन में बदलाव नहीं आएगा। प्रस्तावित बिक्री सटीक क्षमता वाले उपकरण प्रदान कर मौजूदा और भविष्य के खतरों से निपटने की भारत की क्षमता में सुधार करेगी। इससे उसकी ब्रिगेडों में पहले हमले की सटीकता बढ़ेगी। बता दें, भारत हाल के वर्षों में अपने रक्षा क्षेत्र में लगातार निवेश कर रहा है। स्वदेशी हथियारों के निर्माण से लेकर विदेशों से बिक्री तक की जा रही है।
