इथेनॉल से गडकरी परिवार को हो रहा फायदा? आरोपों पर केंद्रीय मंत्री ने दिया जवाब, बताया किसने कमाए 45000 करोड़
Nitin Gadkari on Ethanol: गडकरी ने परिवार की कंपनियों को इथेनॉल से फायदे के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनकी चीनी मिलें हैं, पर वे इथेनॉल पर निर्भर नहीं हैं।
- Written By: अर्पित शुक्ला
नितिन गडकरी
Nitin Gadkari on Family Ethanol Production Allegations: राजधानी दिल्ली में नवभारत द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘विकसित भारत लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026’ में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने इथेलॉल के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने इथेनॉल से उनके परिवार के फायदे वाले सवाल पर भा जवाब दिया।अपने परिवार से जुड़ी कंपनियों के इथेनॉल उत्पादन में शामिल होने के आरोपों पर गडकरी ने कहा कि उनके परिवार की चीनी मिले हैं, लेकिन उनकी कंपनियां इथेनॉल उत्पादन पर निर्भर नहीं हैं। देश में इथेनॉल की उपलब्धता बढ़ी है और मक्के से इथेनॉल उत्पादन के फैसले से उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों को अतिरिक्त आय हुई है।
किसानों ने कमाए 45,000 करोड़
जब हमने मक्के से इथेनॉल बनाने का फैसला किया था, तब मक्के की बाजार कीमत 1,200 रुपये प्रति क्विंटल थी, जबकि एमएसपी 1,800 रुपये प्रति क्विंटल था। इस फैसले के बाद मक्के की कीमत बढ़कर 2,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। उन्होंने दावा किया कि इस बदलाव से यूपी और बिहार के किसानों की आय में करीब 45,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
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इस बीच, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अधिक इथेनॉल मिश्रित और वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए वाहन उत्सर्जन नियमों में बदलाव का प्रस्ताव किया है। इसके तहत ई85 (85 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल), ई100, बी 100 बायोडीजल और हाइड्रोजन-सीएनजी मिश्रण जैसे ईंधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की योजना है।
E20 मामले पर दिया खुला चैलेंज
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई20) के आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा कि वे ऐसी एक भी कार बताएं, जिसमें समस्या आई हो। देश के अग्रणी मीडिया समूह ‘नवभारत’ के ‘विकसित भारत’ कॉन्क्लेव में गडकरी ने आलोचकों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता के खिलाफ चल रही अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा न बनें।
नवभारत के एडिचर इन चीफ निमिष माहेश्वरी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
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उन्होंने कहा कि कोयला और पेट्रोलियम उत्पाद पर भारत की निर्भरता आर्थिक बोझ है। ईंधन आयात पर सालाना 22 लाख करोड़ खर्च करने पड़ते हैं। इथेनॉल के कारण देश में एक भी गाड़ी नहीं बिगड़ी। गलत बातें फैलाई जा रही हैं. दुष्प्रचार के लिए पैसे खर्च किए जा रहे हैं।
