

Diplomatic Ties Nepal Minister India Visit: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल 5 जून से भारत के 3 दिन के आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। यह महत्वपूर्ण दौरा भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के खास निमंत्रण पर हो रहा है। दोनों देशों के बीच ठंडे पड़े रिश्तों को सुधारने के लिए इस दौरे को एक बहुत बड़ा कूटनीतिक बदलाव माना जा रहा है। काठमांडू अब भारत के साथ पुरानी दूरियों को खत्म कर के फिर से अच्छे और मजबूत रिश्ते बनाना चाहता है।
भारत और नेपाल के बीच व्यापार, ऊर्जा और निवेश जैसे कई अहम मुद्दों पर औपचारिक बातचीत होगी। इससे पहले नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी के प्रमुख रवि लामिछाने ने भी भारत का दौरा किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगभग एक घंटे तक मुलाकात कर पशुपतिनाथ मंदिर की मूर्ति भेंट की थी। शिशिर खनाल की इस यात्रा से उम्मीद है कि यह अच्छे राजनीतिक माहौल को कई ठोस समझौतों में बदल देगी।
पिछले कुछ समय से भारत और नेपाल के संबंधों में थोड़ी खटास देखी गई थी। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से भारतीय विदेश सचिव की मुलाकात न होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई थी। हालांकि भारत सरकार ने इन सभी मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह से गलत बताया था। इस दौरे से साफ संकेत मिलता है कि नेपाल आपसी समझ को फिर से बेहतर करना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल के लिए भारत के साथ स्थिर संबंध बहुत ही ज्यादा जरूरी हैं। आर्थिक और रणनीतिक रूप से नेपाल अपनी सुरक्षा और विकास के लिए भारत पर निर्भर है। वहीं भारत भी यह चाहता है कि नेपाल में उसकी मजबूत स्थिति हमेशा बरकरार रहे। चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भारत के लिए नेपाल से अच्छे रिश्ते रखना आवश्यक है।
इस यात्रा के दौरान दोनों देश जलविद्युत और सीमा पार संपर्क जैसे क्षेत्रों की विस्तृत समीक्षा करेंगे। पहले इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम की गति थोड़ी धीमी हो गई थी जिसे अब तेज किया जाएगा। नेपाल के सूत्रों के अनुसार इस दौरे में कुछ बहुत ही अहम समझौतों पर हस्ताक्षर भी हो सकते हैं। शनिवार को अपनी यात्रा पूरी करने के बाद विदेश मंत्री शिशिर खनाल वापस काठमांडू लौट जाएंगे।
नेपाल की नई ऑनलाइन भंसार व्यवस्था से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है और वे घंटों जाम में फंसे रहते हैं। इस नए कस्टम सिस्टम के कारण 2500 रुपये के जुर्माने का डर भी लोगों की चिंता को काफी बढ़ा रहा है। यह सिस्टम फेल होने की वजह से भारत के बॉर्डर पर गाड़ियां घंटों तक लंबी लाइन में खड़ी रहती हैं। इस भारी अव्यवस्था का सीधा फायदा दलालों को मिल रहा है जो मुनाफा कमा रहे हैं।