

US Iran War Trump Ready To Meet Supreme Leader: अमेरिका-ईरान वार से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बहुत ही चौंकाने वाला बयान दिया है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही भयंकर दुश्मनी और कड़वाहट के बावजूद ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से मिलने की इच्छा जताई है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अमेरिकी सेना ने मुजतबा के पिता और हजारों ईरानी लोगों को जंग में मार दिया था। ऐसे तनावपूर्ण हालात में दोनों दिग्गज नेताओं की मुलाकात के बारे में सोचना भी किसी अचरज से कम नहीं लगता है।
ट्रंप का स्पष्ट कहना है कि अगर दोनों मुल्कों के बीच युद्ध समाप्त करने का कोई भी ठोस समझौता होता है तो वह उनसे जरूर मुलाकात करेंगे। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि वह खुद मिलना नहीं चाहते लेकिन अगर समझौता हुआ तो यह उनके लिए सम्मान की बात होगी। हालांकि उन्होंने यह भी बिल्कुल साफ कर दिया है कि अगर ईरान की तरफ से कोई भी अमेरिकी सैनिक मारा गया तो हालात फिर से बहुत ज्यादा खराब हो सकते हैं और भयंकर जंग शुरू हो जाएगी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली और कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह किसी भी अमेरिकी सैनिक की जान लेता है तो अमेरिका पूरी ताकत से युद्ध फिर से शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि उनके पास फिर से फुल स्केल वार शुरू करने का यह एक बहुत अच्छा कारण होगा। ट्रंप ने ईरान की वर्तमान सैन्य ताकत पर भी तंज कसा और कहा कि उनकी कोई नौसेना या वायु सेना अब नहीं बची है। अमेरिका ने ईरान की लीडर टीम को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों को बताया कि कई झूठी खबरों में ईरान की स्थिति को बहुत मजबूत दिखाया जा रहा है जो बिल्कुल भी सच नहीं है। उन्होंने बड़ा दावा किया कि ईरान के पास कुल 159 समुद्री जहाज थे और अब अमेरिकी हमलों के बाद वे सभी समुद्र के नीचे डूब चुके हैं। अमेरिका ने उन सभी डूबे हुए जहाजों की साफ तस्वीरें भी ली हैं जो इस बात का पक्का सबूत हैं। इसलिए ईरान का इस भयंकर जंग में मजबूत होने का दावा पूरी तरह से झूठा और बेबुनियाद है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ही पार्टी के कुछ सांसदों और अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की भी कड़ी आलोचना की है। दरअसल बुधवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ट्रंप को ईरान पर आगे की किसी भी सैन्य कार्रवाई से रोकने के लिए एक बड़ा वोट किया था। इसमें ट्रंप की पार्टी के चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर इस खास प्रस्ताव का समर्थन किया। यह प्रस्ताव सदन में 215 वोट के मुकाबले 208 वोट से पास हुआ जो अब आगे की मंजूरी के लिए सीनेट में भेजा जाएगा।
ट्रंप ने इस पूरे मतदान को एक बेकार वोट करार दिया है और अपना भारी गुस्सा पत्रकारों के सामने जाहिर किया है। उन्होंने अपनी ही पार्टी के उन चारों सांसदों की कड़ी निंदा की जिन्होंने उनके हिसाब से इस देश विरोधी कदम का खुलकर समर्थन किया था। ट्रंप का साफ मानना है कि ऐसे कदम अमेरिका की सुरक्षा और उनकी ईरान के खिलाफ चल रही कूटनीतिक रणनीति को बहुत कमजोर करते हैं। इन सबके बीच अब ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर की संभावित मुलाकात की चर्चाएं काफी ज्यादा दिलचस्प हो गई हैं।