सांकेतिक तस्वीर
Nagaur Youth Dies Oman Missile Attack: दुनिया भर में गहराते ईरान-इजरायल और अमेरिका के सैन्य संघर्ष के बीच एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। इस युद्ध की तपिश अब भारत के राजस्थान तक पहुंच गई है। नागौर जिले के रहने वाले एक युवक दलीप की ओमान के एक बंदरगाह पर हुए मिसाइल हमले में मौत हो गई है। माना जा रहा है कि इस अंतरराष्ट्रीय युद्ध में किसी भारतीय नागरिक की यह पहली मौत है, जिसने न केवल नागौर बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दलीप एक क्रूड ऑयल कंपनी के शिप पर कार्यरत थे और अपनी आजीविका के लिए विदेश गए थे।
घटना की जानकारी के अनुसार, यह हमला 1 मार्च की सुबह हुआ था। ओमान का खासब पोर्ट (Khasab Port), जो सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, वहां दलीप का शिप खड़ा था। इसी दौरान ईरान की ओर से दागी गई एक मिसाइल सीधे जहाज पर आ गिरी। मिसाइल का प्रहार इतना भीषण था कि शिप पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि हमला अचानक हुआ और जहाज के अगले हिस्से में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
जिस समय यह हमला हुआ, नागौर के खींवताना गांव के निवासी दलीप जहाज के अगले हिस्से में मौजूद थे। उनके साथ बिहार के रहने वाले पायलट आशीष कुमार भी वहीं तैनात थे। कंपनी के अनुसार, हमले के बाद अफरा-तफरी मच गई और अधिकांश क्रू मेंबर्स को तो सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन दलीप और आशीष समेत दो अन्य लोग लापता हो गए थे। बुधवार सुबह ‘स्काईलाइट’ कंपनी ने आधिकारिक तौर पर दलीप और आशीष की मौत की पुष्टि कर दी है। जहां आशीष कुमार का शव बरामद कर लिया गया है, वहीं दलीप की बॉडी की तलाश अभी भी जारी है।
दलीप की मौत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव खींवताना (नागौर) में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। दलीप के साथी पायलट आशीष का शव तो मिल गया है, लेकिन दलीप का शव अभी भी लापता बताया जा रहा है, जिससे परिजनों की व्याकुलता और बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन और भारत सरकार से मांग की जा रही है कि दलीप के पार्थिव देह को जल्द से जल्द ढूंढकर भारत वापस लाने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए जाएं।
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ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने अब समुद्री व्यापारिक मार्गों को भी असुरक्षित बना दिया है। ‘स्काईलाइट’ कंपनी का यह शिप क्रूड ऑयल के परिवहन में लगा था, जिसे निशाना बनाया गया। यह घटना साबित करती है कि युद्ध के मैदान से दूर काम कर रहे निर्दोष नागरिक और विदेशी कर्मचारी भी अब सुरक्षित नहीं हैं। इस हमले ने वैश्विक स्तर पर समुद्री सुरक्षा और युद्ध के प्रभावों पर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल, कंपनी और स्थानीय अधिकारी राहत कार्यों में जुटे हैं और लापता भारतीय युवक के शव को खोजने का प्रयास कर रहे हैं।