दिल्ली ब्लास्ट की अब सुलझेगी गुत्थी! निजी अस्पतालों से मांगी गई 'ग्लोबल डॉक्टरों' की पूरी कुंडली

Delhi Police ने सुरक्षा कारणों से निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। खास तौर से पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे डॉक्टरों की डिटेल मांगी गई है।
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प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
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Delhi Blast Update: दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अब तक फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय के 30 डॉक्टरों के बयान दर्ज कर लिए हैं। इन सभी डॉक्टरों से विस्फोट के मुख्य आरोपी आतंकवादी उमर उन नबी के बारे में पूछताछ की गई। साथी डॉक्टरों ने पूछताछ के दौरान बताया कि उमर का व्यवहार काफी रूखा था और वह चुनिंदा लोगों को ही अपने कमरे में आने की अनुमति देता था। इसके अलावा, उमर का एक मोबाइल फोन जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास है। इस फोन से जांच एजेंसी को 4 वीडियो प्राप्त हुए हैं, जिनमें से एक में उमर जिहाद और ह्यूमन बम को जायज ठहराते हुए नजर आ रहा है। बाकी तीन वीडियो भी उमर द्वारा ही बनाए गए हैं।

दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार बम विस्फोट मामले में जांच और तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस ने शहर के सभी निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर उन डॉक्टरों की जानकारी मांगी है जिन्होंने विदेश से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की है और वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी में प्रैक्टिस कर रहे हैं। पुलिस ने अस्पतालों से खास तौर पर पाकिस्तान, बांग्लादेश, यूएई और चीन से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टर्स के बारे में जानकारी मांगी है। अस्पताल प्रशासन को अपने यहां काम कर रहे ऐसे विदेश से प्रशिक्षित डॉक्टरों की पूरी डिटेल पुलिस को उपलब्ध करानी होगी। इस कार बम ब्लास्ट में कई लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे।

एनआईए हिरासत में दो आरोपी, शोयब ने डॉ. उमर को दिया था आश्रय

इस बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामले की जांच को आगे बढ़ाया है। 26 नवंबर को एनआईए ने आरोपी शोयब को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था और उसे पाटियाला हाउस कोर्ट में पेश करने के बाद 10 दिन की रिमांड पर लिया है। एनआईए के मुताबिक, शोयब पर मुख्य आरोपी डॉ. उमर मोहम्मद (जिसे उमर उन नबी के नाम से भी जाना जाता है) को बम विस्फोट से ठीक पहले आश्रय देने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, शोयब ने विस्फोट की योजना को अंजाम देने में जरूरी लॉजिस्टिक सपोर्ट भी प्रदान किया। इसी दिन, एक अन्य आरोपी आमिर राशिद अली की एनआईए कस्टडी को कोर्ट ने 7 दिन के लिए और बढ़ा दिया।

आत्मघाती हमले के नेटवर्क की तलाश

शोयब इस मामले में गिरफ्तार किया गया सातवां आरोपी है। इससे पहले, एनआईए ने डॉ. उमर के छह करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने बताया कि वह सुसाइड बॉम्बिंग से जुड़े सभी संभावित सबूतों और संदिग्धों का पता लगाने के लिए कई राज्यों में छापेमारी कर रही है। एनआईए का मुख्य उद्देश्य इस हमले के पीछे कार्यरत पूरे आतंक नेटवर्क के सभी सदस्यों को पकड़ना है।

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