

Noida Cyber Fraud: नोएडा में साइबर जालसाजों ने एक वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी (फिनटेक) का सर्वर और एपीआई पोर्टल हैक कर दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। मिली जानकारी के अनुसार, 'रिनोवा पेटेक प्राइवेट लिमिटेड' के प्रतिनिधि राजकुमार की ओर से मंगलवार को दी गई शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया गया है।
'रिनोवा पेटेक प्राइवेट लिमिटेड' मोबाइल फोन रिचार्ज, बिल भुगतान, आधार के जरिए नकद निकासी और घरेलू धन हस्तांतरण जैसी सेवाएं उपलब्ध कराती है। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) शैव्या गोयल ने शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि 13 सितंबर को दोपहर बाद से रात करीब आठ बजे के बीच साइबर जालसाजों ने कंपनी का सर्वर हैक कर लिया और एपीआई पोर्टल के जरिए कंपनी के खाते से 2,42,65,576 रुपये निकाल लिये।
पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम ब्रांच से शैव्या गोयल ने बताया कि यह रकम 497 लेनदेन के जरिए 28 बैंक के 58 खातों में अंतरित की गई। गोयल ने कहा, "साइबर अपराध शाखा की टीम इसकी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन-किन बैंक खातों में कितनी-कितनी रकम अंतरित की गई।" हालांकि, अभी तक अपराधी पकड़ में नहीं आए है।
इससे पहले 13 सितंबर को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे सिम ऑपरेटर को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे अवैध सिम बॉक्स ऑपरेशन के मामले में बिहार और ओडिशा में 10 ठिकानों पर छापेमारी कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी वैशाली जिले के महुआ क्षेत्र में एयरटेल का एरिया डिस्ट्रीब्यूटर है। उस पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड कथित तौर पर फर्जी तरीके से जारी कर उन्हें अवैध सिम बॉक्स संचालन के लिए उपलब्ध कराने का आरोप था।
CBI ने बताया कि वैशाली (बिहार), जगतसिंहपुर (ओडिशा), समेत 10 स्थानों पर की गई तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड सहित विभिन्न डिजिटल उपकरणों से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।
जांच एजेंसी बिहार के सुपौल जिले में पिछले साल सामने आए एक अवैध सिम बॉक्स ऑपरेशन के मामले की जांच कर रही है। बाद में बिहार सरकार ने इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था। जिस घर में सिम बॉक्स का संचालन किया जा रहा था, वहां से 1,300 से अधिक सिम कार्ड बरामद किए गए थे।
सीबीआई ने बताया कि जांच के दौरान जुटाए गए आंकड़ों से संकेत मिला है कि यह सिम बॉक्स ऑपरेशन देशभर में साइबर अपराध के कम से कम 73 मामलों से जुड़ा हुआ था। इनमें 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए ठगी के मामले भी शामिल हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)