‘जब तक सूरज चांद रहेगा, मुरली तेरा नाम रहेगा’, LOC पर शहीद अग्निवीर को दी गई अंतिम विदाई, कई राजनेता भी शामिल
अग्निवीर मुरली नायक एलओसी पर तैनाती के दौरान गोली लगने से शहीद हो गए थे। आज उनका पार्थिव शरीर पैतृक आवास पहुंचा तो अंतिम सलामी देने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। कर्नाटक के डिप्टी सीएम पवन कल्याण समेत कई नेता शामिल हुए।
- Written By: यतीश श्रीवास्तव
अग्निवीर मुरली नायक के अंतिम संस्कार में शामिल हुए कई नेता
अमरावती: भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर हो गया है। इस बीच एलओसी पर तैनात कर्नाटक के लाल मुरली नाइक की शहादत पर परिवार समेत पूरे प्रदेश को गर्व है। परिजनों को देश के लिए सरहद पर जान देने वाले बेटे को खोने का दुख है तो उसके बलिदान पर गौरव भी। मुरली का आज पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
मुरली का पार्थिव शरीर आज आंध्र प्रदेश स्थित गृहनगर गोरंटला मंडल के कल्लिथंडा गांव लाया गया। गांव पहुंचते ही मुरली के अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ एकत्र हो गई। आसपास के गांव के लोगों के अलावा कई राजनेता भी वीर मुरली को अंतिम सलामी देने के लिए पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे सम्मान के साथ मुरली को अंतिम विदाई दी।
VIDEO | Andhra Pradesh Deputy CM Pawan Kalyan (@PawanKalyan) meets family members of Army jawan Murali Naik, who laid down his life during the cross-border shelling in Jammu and Kashmir’s Poonch, in Sri Sathya Sai district. (Full video available on PTI Videos -… pic.twitter.com/199mP8bjSe — Press Trust of India (@PTI_News) May 11, 2025
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20 वर्ष की आयु में हुई अग्निवीर में भर्ती
मुरली का जन्म 8 अप्रैल 2002 को हुआ था। स्कूल के दिनों से ही उसमें फौज में भर्ती होकर देश सेवा करने की इच्छा थी। वर्ष 2022 दिसंबर में वह अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हो गया। महज 20 साल की उम्र में वह सेना में शामिल होने के साथ उसने नासिक में 6 महीने की ट्रेनिंग ली। एक साल तक वह असम में तैनात रहे जबकि पिछले कुछ महीने से उनकी पंजाब में पोस्टिंग थी।
माता-पिता के साथ मुरली नाइक की फाइल फोटो
अग्निवीर मुरली के परिवार को मिलेंगे 1.65 करोड़
अग्निवीर मुरली नाइक की वीरता का सम्मान करते हुए सरकार ने उनके परिवार को 1 करोड़ 65 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। पंजाब बॉर्डर पर तैनाती के दौरान जारी संघर्ष के बीच मुरली नायक को गोली लग गई थी जिसके बाद वह वीरगति को प्राप्त हुआ था।
मुरली की शहादत में उमड़े राजनेता और अधिकारी
मुरली की शहादत में कई राजनेता और अधिकारी भी शामिल हुए और श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदेश के शिक्षा और आईटी मंत्री नारा लोकेश ने मुरली को श्रद्धांजलि देने के साथ उनके माता-पिता से मुलाकात कर सांत्वना दी। राज्य के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, मंत्री अनगनी सत्य प्रसाद, वंगालापुडी अनिता और सविता, सांसद बीके पार्थसारथी, पूर्व मंत्री पल्ले रघुनाथ रेड्डी और कलावा श्रीनिवासुलु, विधायक पल्ले सिंधुरा रेड्डी समेतपूरे गांव ने मुरली को पुष्पांजलि अर्पित की।
