पूर्व PM मनमोहन सिंह की अस्थियां यमुना नदी में विसर्जित की गईं
नई दिल्ली: आज यानी रविवार 29 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अस्थियां उनके परिवार के सदस्यों ने सिख रीति-रिवाजों के अनुसार मजनू का टीला गुरुद्वारा के निकट यमुना नदी में विसर्जित कर दीं गईं ।
आज पूर्व प्रधानमंत्री सिंह की अस्थियां रविवार सुबह सिंह के परिवार के सदस्यों द्वारा निगमबोध घाट से एकत्र की गईं और बाद में उन्हें गुरुद्वारे के पास यमुना नदी तट पर स्थित ‘अष्ट घाट’ ले जाया गया। सिंह की पत्नी गुरशरण कौर, उनकी तीन बेटियां – उपिंदर सिंह, दमन सिंह और अमृत सिंह अन्य रिश्तेदारों के साथ इस मौके मौजूद थीं।
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जानकारी दें कि, परिवार सिख रीति-रिवाजों के अनुरूप बीते 1 जनवरी को 3, मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित अपने आधिकारिक आवास पर ‘अखंड पाठ’ का आयोजन करेगा। संसद परिसर के पास रकाबगंज गुरुद्वारे में 3 जनवरी को भोग, अंतिम अरदास और कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। पता हो कि, मनमोहन सिंह का बीते 26 दिसंबर की रात अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया था। वह 92 वर्ष के थे।
आज भारत मां के सपूत और देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की अस्थियां पूरे विधि-विधान के साथ मजनू का टीला स्थित गुरुद्वारे के पास यमुना घाट पर विसर्जित की गईं। हम सभी मनमोहन सिंह जी की देश सेवा, समर्पण और उनकी सहजता को हमेशा याद रखेंगे। सादर नमन 🙏 📍 नई दिल्ली pic.twitter.com/ag7npL5Ctz — Congress (@INCIndia) December 29, 2024
गौरतलब है कि, 1990 के दशक में आर्थिक उदारीकरण के युग की शुरुआत करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री का बीते शनिवार को निगमबोध घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूर्व प्रधानमंत्री सिंह को अंतिम श्रद्धांजलि देने में राष्ट्र का नेतृत्व किया। कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर अस्थि विसर्जन की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘‘हम सभी मनमोहन सिंह जी की राष्ट्र के प्रति सेवा, उनके समर्पण और उनकी सादगी को हमेशा याद रखेंगे।”
हालांकि, BJP नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसको लेकर अफसोस जताया कि पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियां विसर्जित किए जाने के समय गांधी परिवार से कोई मौजूद नहीं था। सिरसा ने कहा, ‘‘यह हम सभी के लिए दुखद क्षण है। हालांकि, यह सच है कि आज (सिंह की अस्थियां विसर्जित करने के दौरान) गांधी परिवार से कोई भी सदस्य वहां मौजूद नहीं था… आज, जब कैमरा नहीं था, तो कांग्रेस से कोई भी वहां मौजूद नहीं था। यह दुखद बात है। मनमोहन सिंह का बहुत सम्मान किया जाता है।” (एजेंसी इनपुट के साथ)