सबरीमला के समीप पोन्नामबालमेडू में घुस कर शख्स ने पूजा-अर्चना की, TDB ने वनविभाग पर ठीकरा फोड़ा
- Written By: शुभम सोनडवले
पठानमथिट्टा (केरल). केरल के पठानमथिट्टा में प्रसिद्ध सबरीमला भगवान अयप्पा मंदिर के अनुष्ठानों से जुड़े शीर्ष पहाड़ी क्षेत्र पोन्नामबालमेडू में एक व्यक्ति कथित रूप से घुस गया एवं उसने वहां कुछ पूजा एवं अन्य कर्मकांड किये। इससे केरल में विवाद उत्पन्न हो गया है। सोशल मीडिया में एक कथित वीडियो सामने आया है जिसमें आरोपी को सबरीमला मंदिर से करीब चार किलोमीटर दूर पोन्नामबालमेडू पहाड़ी पर बैठे हुए एवं मंत्रोच्चार के साथ कुछ कर्मकांड करते हुए देखा जा सकता है। आरोपी कथित रूप से तमिलनाडु का रहने वाला है।
अयप्पा श्रद्धालुओं के अनुसार पोन्नामबालमेडू एक पावन स्थल है क्योंकि वहां हर साल पवित्र ‘मकरविलाक्कू’ प्रज्ज्वलित किया जाता है जो इस पहाड़ी धर्मस्थल पर तीर्थाटन सीजन के समापन का प्रतीक होता है। पोन्नामबालमेडू घने जंगल में एक अति सुरक्षित क्षेत्र है और वह राज्य के वन विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में आता है।
A man reportedly trespassed into Ponnambalamedu, a sacred hill associated with Sabarimala Lord Ayyappa Temple, performing rituals. Devaswam Board & Forest department blame each other for this major lapse. pic.twitter.com/86YRCiRMeb — Syam Kumar V (@Syamkumarnair) May 16, 2023
थोड़ी देर के इस वीडियो में आरोपी व्यक्ति के अलावा चार अन्य भी नजर आ रहे हैं। उसमें सबरीमला मंदिर के दृश्य भी दिख रहे हैं। इस पहाड़ी धर्मस्थल का प्रबंधन संभालने वाले त्राणवकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष के अनंतगोपान ने कहा कि यह अयप्पा श्रद्धालुओं के लिए भावनात्मक मुद्दा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बोर्ड शीघ्र ही केरल पुलिस के प्रमुख और वन्यजीव प्रमुख से शिकायत करेगा।
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टीडीबी प्रमुख ने कहा कि आरोपी नारायण स्वामी नामक व्यक्ति है जो कुछ सालों पहले सबरीमला मंदिर में ‘‘कीझशांति” (उपपुरोहित) के रूप में काम करता था और उसे उसके खराब चरित्र के कारण काम से निकाल दिया गया था। वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि कैसे कुछ लोग एक अति सुरक्षा वाले क्षेत्र में घुस जाते हैं और इस तरह की चीजें करते हैं।
अनंतगोपान ने वन विभाग के इस कथन से असहमति जतायी कि आरोपी शायद किसी अन्य मार्ग से आ गया होगा। उन्होंने इन चीजों के हो जाने के बाद मामला दर्ज करने की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि संदेह है कि यह घटना चार दिन पहले हुई लेकिन वह तारीख की आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं कर सकते। (एजेंसी)
