TMC का कांग्रेस में होगा विलय? 5 साल बाद 10-जनपथ पहुंची ममता, सोनिया गांधी से मुलाकात के क्या हैं मायने?
TMC Political Crisis: बंगाल चुनाव में हार और पार्टी में बगावत के बीच दिल्ली में सोनिया गांधी से मिलीं ममता बनर्जी; 20 सांसदों के NDA को समर्थन की चर्चाओं के बीच कांग्रेस से विलय की अटकलें तेज।
- Written By: अर्पित शुक्ला
INDIA गठबंधन की बैठक के दौरान ममता बनर्जी और सोनिया गांधी (Image- IANS)
Mamata Banerjee Sonia Gandhi Meeting: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी दिल्ली दौरे पर हैं। बंगाल में मिली चुनावी हार के बाद यह उनका पहला दिल्ली दौरा माना जा रहा है। दौरे के तीसरे दिन उन्होंने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। पिछले दो दिनों में दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले सोमवार को इंडिया गठबंधन की बैठक में भी दोनों आमने-सामने आई थीं, जहां ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी को गले लगाया था।
सोनिया गांधी से यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब ममता बनर्जी एक बड़े राजनीतिक संकट से जूझ रही हैं। पार्टी में विधायकों के बाद अब सांसदों की नाराजगी भी सामने आ गई है। बताया जा रहा है कि टीएमसी के 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है।
ममता बनर्जी शनिवार को दिल्ली पहुंची थीं। यहां सबसे पहले उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी। मंगलवार को वह करीब पांच साल बाद सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पहुंचीं। दोनों नेताओं के बीच लगभग एक घंटे तक बातचीत हुई।
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आखिर चल क्या रहा है?
सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच किसी बड़े राजनीतिक समझौते या विलय की संभावना बन सकती है। हालांकि, इस संबंध में दोनों दलों के नेताओं ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
ममता बनर्जी (Image- Social Media)
दिलचस्प बात यह है कि इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी संगठन से जुड़ी बैठकों के लिए पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में मौजूद थे। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी को देखते हुए राजनीतिक जानकार विलय की अटकलों को ज्यादा महत्व नहीं दे रहे हैं।
इंडिया ब्लॉक की बैठक में दिखी नजदीकी
इंडिया गठबंधन की बैठक के दौरान सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच गर्मजोशी देखने को मिली थी। दोनों नेता एक-दूसरे के बगल में बैठे थे। बैठक में ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए और भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए विपक्षी एकजुटता पर जोर दिया।
बंगाल में आमने-सामने थीं दोनों पार्टियां
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने टीएमसी और ममता बनर्जी पर खुलकर निशाना साधा था। हालांकि चुनाव परिणाम आने के बाद दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच नजदीकियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस, ममता बनर्जी के लिए किसी राजनीतिक सहारे की भूमिका निभाती है या नहीं।
राहुल गांधी, ममता बनर्जी (File Photo)
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28 साल पहले कांग्रेस से अलग हुई थीं ममता
ममता बनर्जी ने वर्ष 1998 में कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी। दोनों दलों ने मिलकर 2011 में वाम मोर्चा सरकार को सत्ता से बाहर किया था। हालांकि बाद के वर्षों में ममता बनर्जी ने कांग्रेस के कई नेताओं और विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया। इसके बाद हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने कभी वाम दलों के साथ तो कभी अकेले चुनाव लड़ा। मौजूदा हालात में टीएमसी की कमजोर स्थिति को कांग्रेस अपनी खोई राजनीतिक जमीन वापस पाने के अवसर के रूप में देख रही है।
