इनोवा कार इनसेट में लक्ष (सोर्स- सोशल मीडिया)
Malad Hit and Run Case: मुंबई के मलाड से एक दुखद खबर ने सबको चौंका दिया। एक परिवार शादी का जश्न मना रहा था, लेकिन अचानक मातम छा गया। चार साल के लक्ष्य सिंह की जान एक तेज रफ्तार इनोवा कार ने छीन ली। बच्चे का जन्म उसके माता-पिता के 20 साल के इंतजार के बाद हुआ था। वह उनका अकेला सहारा होता। लेकिन इस हादसे ने उनका सहारा छीन लिया।
घटना के बाद आरोपी ड्राइवर मौके से भाग गया। पूरी घटना CCTV में कैद हो गई। पीड़ित परिवार अब इंसाफ की मांग कर रहा है। मलाड ईस्ट में निलयोग विराट बिल्डिंग में रहने वाला सिंह परिवार 5 फरवरी को शादी के जश्न में डूबा हुआ था। रिश्तेदारों की चहल-पहल, घर में सजावट और हर तरफ खुशियों की रौनक साफ दिख रही थी।
शादी के बाद भी परिवार वहीं रहा। चार साल का लक्ष्य भी इन सबके बीच खेलता-कूदता दिखा। किसी ने सोचा भी नहीं था कि उस घर की खुशियां कुछ ही घंटों में काफूर हो जाएंगी। लेकिन ठीक ऐसा ही हुआ। अचानक शादी की खुशियां आंसुओं में बदल गईं। उस दिन करीब चार बजे, लक्ष बिल्डिंग में नीचे खेल रहा था। जैसा कि बच्चे अक्सर करते हैं, वह बेफिक्र होकर इधर-उधर भाग रहा था।
बच्चे की इस उछलकूद के बीच अचानक काली इनोवा क्रिस्टा तेज रफ्तार से आई। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता कार ने मासूम लक्ष को टक्कर मार दी। देखने वालों का कहना है कि कार बहुत तेज़ रफ़्तार से चल रही थी। हादसा कुछ ही सेकंड में हुआ, लेकिन इसके असर ने सबकी जिंदगी बदल दी।
पूरी घटना CCTV में कैद हो गई। फुटेज में दिख रहा है कि बच्चे को कुचलने के बाद कार अचानक रुक जाती है। कुछ पल के लिए सब कुछ रुक जाता है। थोड़ी देर बाद बिल्डिंग का वॉचमैन बच्चे को गोद में उठाकर भागता हुआ दिखता है। फिर ड्राइवर इनोवा लेकर भाग जाता है। यह वीडियो अब परिवार के लिए सबसे अहम सबूत बन गया है।
मृतक लक्ष के पिता जयप्रकाश सिंह ने बताया कि उनका बेटा उनकी शादी के 20 साल बाद पैदा हुआ था। वह उनका इकलौता बच्चा था। पूरे परिवार की उम्मीदें उसी पर टिकी थीं। उन्होंने कहा कि अगर आरोपी बच्चे को तुरंत हॉस्पिटल ले जाता तो उसकी जान बच सकती थी। अगर आरोपी ने थोड़ी इंसानियत दिखाई होती तो लक्ष आज जिंदा होता
जयप्रकाश सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि FIR दर्ज करने के बाद आरोपी को तुरंत हॉलिडे कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने उसकी कस्टडी नहीं मांगी। परिवार का दावा है कि पुलिस उसे बेल देने वाली थी। जब उन्हें यह पता चला, तो वे डिंडोशी पुलिस स्टेशन गए और हंगामा किया, तभी बेल प्रोसेस रोक दिया गया।
परिवार ने मांग की है कि केस को हिट-एंड-रन केस के तौर पर दर्ज किया जाए। उनका दावा है कि आरोपी बच्चे को कुचलने के बाद घसीटता हुआ ले गया, फिर उसे छोड़कर भाग गया। यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि एक बड़ी लापरवाही है। परिवार का दुःख अब इंसाफ की मांग में बदल गया है।
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डिंडोशी पुलिस के मुताबिक, आरोपी का नाम रमेश देवजी जतरारा है। वह अपनी कार इसी बिल्डिंग में पार्क करता है, हालांकि वह कहीं और रहता है। पुलिस ने कहा कि FIR दर्ज कर ली गई है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी जांच चल रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।