Akhilesh Yadav Speech In Lok Sabha: संसद में बजट चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला और बजट को पूरी तरह दिशाहीन करार दिया। अखिलेश यादव ने बेरोजगारी, किसानों की आत्महत्या और गिरती अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी योजनाएं पूरी तरह विफल रही हैं, जिसका परिणाम युवाओं को नौकरी न मिलने के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग दोहराते हुए आरोप लगाया कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा खोखला साबित हुआ है। अखिलेश ने गाय प्रेम पर सरकार के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का पहला काऊ मिल्क प्लांट इस सरकार ने बंद कर दिया। इसके अलावा, उन्होंने लेबर कोर्ट्स को उद्योगपतियों के हित में और मजदूरों के खिलाफ बताते हुए कहा कि कॉन्ट्रैक्ट आधारित नौकरियों से युवाओं का भविष्य अंधकार में है। सपा प्रमुख ने बजट आवंटन और वास्तविक खर्च में अंतर पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि यह बजट गरीबों के लिए नहीं बल्कि उद्योगपतियों के लिए है और इससे 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार होना नामुमकिन है।
Akhilesh Yadav Speech In Lok Sabha: संसद में बजट चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला और बजट को पूरी तरह दिशाहीन करार दिया। अखिलेश यादव ने बेरोजगारी, किसानों की आत्महत्या और गिरती अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी योजनाएं पूरी तरह विफल रही हैं, जिसका परिणाम युवाओं को नौकरी न मिलने के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग दोहराते हुए आरोप लगाया कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा खोखला साबित हुआ है। अखिलेश ने गाय प्रेम पर सरकार के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का पहला काऊ मिल्क प्लांट इस सरकार ने बंद कर दिया। इसके अलावा, उन्होंने लेबर कोर्ट्स को उद्योगपतियों के हित में और मजदूरों के खिलाफ बताते हुए कहा कि कॉन्ट्रैक्ट आधारित नौकरियों से युवाओं का भविष्य अंधकार में है। सपा प्रमुख ने बजट आवंटन और वास्तविक खर्च में अंतर पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि यह बजट गरीबों के लिए नहीं बल्कि उद्योगपतियों के लिए है और इससे 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार होना नामुमकिन है।