जिष्णु देव वर्मा, शिव प्रताप शुक्ल, नंद किशोर यादव (Image- Social Media)
Governor Appointment: सरकार ने देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बड़े संवैधानिक बदलावों की घोषणा की है। दिल्ली, लद्दाख, बिहार, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना सहित कई जगहों पर नए उपराज्यपाल (LG) और राज्यपालों की नियुक्ति की गई है। इस फेरबदल में तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल बनाया गया है, जबकि विनय कुमार सक्सेना को दिल्ली से लद्दाख भेजा गया है। वहीं बिहार में सैयद अता हसनैन को राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
भारतीय सेना के अनुभवी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया है। उन्हें रणनीतिक मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है और कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने का उनका लंबा अनुभव रहा है। वे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। बिहार जैसे बड़े और जटिल राज्य में उनकी नियुक्ति से प्रशासनिक अनुशासन और सुरक्षा दृष्टिकोण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत रहे तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे एक अनुभवी राजनयिक हैं और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने वाशिंगटन डीसी और श्रीलंका जैसे महत्वपूर्ण मिशनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। दिल्ली जैसे राजनीतिक रूप से सक्रिय केंद्र शासित प्रदेश में उनकी नियुक्ति को केंद्र और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
दिल्ली के उपराज्यपाल रहे विनय कुमार सक्सेना को अब लद्दाख का नया उपराज्यपाल बनाया गया है। उन्होंने कविंदर गुप्ता का स्थान लिया है। सक्सेना को दिल्ली में उनके सक्रिय और विकासोन्मुख दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। लद्दाख जैसे रणनीतिक और दुर्गम क्षेत्र में उनकी नियुक्ति से बुनियादी ढांचे के विकास और सीमावर्ती सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूत करने की उम्मीद है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष के रूप में उनका अनुभव स्थानीय उद्योगों और पर्यटन को भी बढ़ावा दे सकता है।
तमिलनाडु के राज्यपाल रहे आर.एन. रवि को अब पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व आईपीएस अधिकारी रवि का करियर उग्रवाद विरोधी अभियानों और पूर्वोत्तर भारत में शांति वार्ताओं, खासकर नगा शांति प्रक्रिया, के लिए जाना जाता है। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के बीच उनकी नियुक्ति को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नंद किशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल बनाया गया है। वे कई बार बिहार विधानसभा के विधायक रह चुके हैं और सड़क निर्माण जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। संगठन और प्रशासन में उनकी पकड़ उन्हें नागालैंड जैसे राज्य के लिए उपयुक्त बनाती है।
तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को अब महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे त्रिपुरा के पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं और वहां के शाही परिवार से जुड़े हुए हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव के साथ वे पूर्वोत्तर में भाजपा के आधार को मजबूत करने वाले प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। महाराष्ट्र जैसे बड़े आर्थिक और राजनीतिक राज्य में उनकी नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे शिव प्रताप शुक्ला को अब तेलंगाना का राज्यपाल बनाया गया है। वे केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री भी रह चुके हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका लंब अनुभव रहा है। वे अपनी सादगी और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए जाने जाते हैं।
केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे गोवा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं। संसदीय प्रक्रियाओं की गहरी समझ रखने वाले अर्लेकर तमिलनाडु में संवैधानिक संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
यह भी पढ़ें- नीतीश कुमार की तारीफ में ये क्या कह गए अमित शाह? राज्यसभा नमांकन के बाद बिहार में बदले सियासी समीकरण
लद्दाख के उपराज्यपाल रहे कविंदर गुप्ता को अब हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उन्होंने शिव प्रताप शुक्ला की जगह ली है, जिन्हें तेलंगाना भेजा गया है। गुप्ता जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं और उनके पास लंबा राजनीतिक अनुभव है। हिमाचल जैसे पहाड़ी और पर्यटन प्रधान राज्य में उनका अनुभव प्रशासन के लिए उपयोगी माना जा रहा है।