कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: सरकार ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के परिवार को उनके स्मारक के लिए जमीन देने की पेशकश की है। यह जमीन पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के स्मारक के लिए निर्धारित जमीन के पास आवंटित की गई है। इस मामले में सरकार मनमोहन सिंह के परिवार द्वारा ट्रस्ट बनाने का इंतजार कर रही है। इसके बाद आधिकारिक तौर पर जमीन आवंटित की जाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रस्ट को सरकार की ओर से 25 लाख रुपये की राशि भी दी जाएगी। यह राशि स्मारक के निर्माण में खर्च की जाएगी। मनमोहन सिंह के निधन के बाद से ही सरकार जमीन की तलाश कर रही थी। इसके लिए सर्वे भी कराया गया था।
शहरी विकास मंत्रालय और सीपीडब्ल्यूडी ने मिलकर मनमोहन सिंह स्मारक के लिए जमीन तय की है। यह भूमिका राष्ट्रीय स्मारक के अंतर्गत आती है, जिसका निर्धारण यूपीए सरकार ने 2013 में प्रस्ताव लाकर किया था। इस परिसर के नीचे अटल बिहारी वाजपेयी का स्मारक भी बनाया गया है।
जनवरी की शुरुआत में सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्मारक का दौरा किया था और संजय गांधी की समाधि के पास जमीन देने की बात हुई थी। खबर है कि मनमोहन सिंह के परिवार को कुछ जगह प्रस्तावित की गई थी, जिसमें से अब एक पर सहमति बन गई है। मनमोहन सिंह के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर राजनीति भी छिड़ गई थी।
मनमोहन सिंह के निधन के बाद कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने मांग की थी कि मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार उसी जगह किया जाए, जहां उनका स्मारक बनाया जा सके। इस पर सरकार का जवाब था कि हम स्मारक के लिए जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। अन्य सभी नेताओं की तरह उनका स्मारक भी अच्छे से बनाया जाएगा।
देश की अन्य ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
हालांकि उनका अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर किया गया। इस पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई थी। लेकिन सरकार ने कहा कि पूरे प्रोटोकॉल का पालन किया गया है। जिस जगह स्मारक बनाया जाना है, वहां अंतिम संस्कार करना संभव नहीं था, क्योंकि अभी जगह नहीं मिली है। कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी, अकाली दल जैसे नेताओं ने भी आपत्ति जताई थी और कहा था कि उनकी यादों का अपमान किया गया है।