जानिए कितना ख़तरनाक है हिज्ब-उत-तहरीर? भारत सरकार ने आतंकी संगठन घोषित करते हुए लगाया बैन

भारत सरकार गुरुवार को वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाया है। केन्द्र सरकार ने वैश्विक इस्लामी कट्टरपंथी समूह हिज्ब-उत-तहरीर को प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया है। आइए जानते हैं यह आतंकी संगठन कैसे जन्मा और कितना ख़तरनाक है?
जानिए कितना ख़तरनाक है हिज्ब-उत-तहरीर? भारत सरकार ने आतंकी संगठन घोषित करते हुए लगाया बैन
हिज्ब-उत-तहरीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

नई दिल्ली: भारत सरकार गुरुवार को वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाया है। केन्द्र सरकार ने वैश्विक इस्लामी कट्टरपंथी समूह हिज्ब-उत-तहरीर को प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए इसकी घोषणा की है।

गृह मंत्रालय ने कहा कि हिज्ब-उत-तहरीर का लक्ष्य जिहाद के जरिए लोकतांत्रिक सरकार को हटाकर भारत समेत दुनियाभर में इस्लामी देश और खिलाफत की स्थापना करना है। मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि हिज्ब-उत-तहरीर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

क्या है हिज्ब-उत-तहरीर

हिज्ब-उत-तहरीर एक कट्टरपंथी इस्लामी संगठन है, जिसकी स्थापना 1953 में यरुशलम में हुई थी। इसका उद्देश्य वैश्विक इस्लामी खिलाफत (इस्लामिक स्टेट) की स्थापना करना है, जो उनके विचार में मुस्लिम दुनिया पर शरिया कानून लागू करेगा। संगठन के मुख्यालय मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय हैं।

हाल के वर्षों में हिज्ब-उत-तहरीर की गतिविधियों को लेकर भारत में चिंताएं बढ़ी हैं। मोदी सरकार ने इसे खतरा मानते हुए इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि हिज्ब-उत-तहरीर भारत में इस्लामिक राज्य की स्थापना की दिशा में काम कर रहा है और यहां के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने की कोशिश कर रहा है।

इस्लामिक कट्टरवादी है विचारधारा

इस संगठन की विचारधारा इस्लामिक कट्टरवाद पर आधारित है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को खारिज करता है और एकीकृत इस्लामिक राज्य की स्थापना पर जोर देता है। संगठन का दावा है कि यह अहिंसक तरीके से काम करता है, लेकिन इसके समर्थक अक्सर सरकार विरोधी और विघटनकारी गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com