3 करोड़ दीजिए, मंत्री बना देंगे…केरल की कांग्रेस विधायक को आया फर्जी कॉल; साइबर ठगी का हुआ खुलासा
Kerala Congress MLA: केरल की कांग्रेस विधायक विद्या बालकृष्णन को मंत्री बनाने का झांसा देकर 3 करोड़ रुपये मांगे गए। विधायक की सतर्कता से साइबर ठगी की कोशिश नाकाम हुई, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- Written By: अनन्या तिवारी
केरल कांग्रेस विधायक, विद्या बालकृष्णन (सोर्स-सोशल मीडिया)
Kerala Congress MLA Cyber Fraud Case: केरल की कांग्रेस विधायक विद्या बालकृष्णन को मंत्री बनाने का झांसा देकर 3 करोड़ रुपये की मांग करने का मामला सामने आया है। हालांकि, विधायक की सतर्कता के चलते साइबर ठगी की यह कोशिश नाकाम हो गई। मामले की शिकायत साइबर सेल में दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
व्हाट्सऐप कॉल पर मिला मंत्री बनाने का ऑफर
जानकारी के मुताबिक, 6 जुलाई को केरल की एलाथुर विधानसभा सीट से विधायक विद्या बालकृष्णन को एक अज्ञात व्यक्ति का व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉलर ने अंग्रेजी में बातचीत करते हुए अपना नाम ‘राजकुमार’ बताया और दावा किया कि वह वायनाड सांसद प्रियंका गांधी के कार्यालय से बोल रहा है।
कॉलर ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्रिमंडल में जल्द फेरबदल होने वाला है और वह उन्हें मंत्री बनवा सकता है। इसके बदले उसने 3 करोड़ रुपये की मांग की।
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प्रियंका गांधी के कार्यालय का लिया नाम
ठग ने बातचीत के दौरान यह भी दावा किया कि उसे विधायक का मोबाइल नंबर जिले के ही एक सांसद ने उपलब्ध कराया है। उसने खुद को कांग्रेस नेतृत्व से जुड़ा बताते हुए भरोसा दिलाने की कोशिश की, ताकि विधायक उसकी बातों में आ जाएं।
विधायक ने सूझबूझ से किया ठग का पर्दाफाश
शुरुआत से ही कॉल संदिग्ध लगने पर विद्या बालकृष्णन को शक हो गया कि यह साइबर ठगी की कोशिश हो सकती है। इसके बावजूद उन्होंने घबराने के बजाय करीब 10 मिनट तक कॉलर से बातचीत जारी रखी।
इस दौरान विधायक ने कहा कि वह पैसे देने के लिए तैयार हैं और पूछा कि आखिर उन्हें मंत्री कैसे बनाया जाएगा। ठग ने पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाने की कोशिश की, जिससे उसके इरादों का और खुलासा हुआ।
सांसद और प्रियंका गांधी के कार्यालय से की पुष्टि
कॉल खत्म होने के बाद विधायक ने तुरंत उस सांसद से संपर्क किया, जिसका नाम लेकर ठग ने मोबाइल नंबर मिलने का दावा किया था। सांसद ने बताया कि उन्हें भी कुछ समय पहले खुद को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय से बताने वाले एक व्यक्ति का फोन आया था, जिसने जिले के दो विधायकों के नंबर मांगे थे।
इसके बाद विधायक और संबंधित सांसद ने प्रियंका गांधी के आधिकारिक कार्यालय से संपर्क किया। वहां से स्पष्ट कर दिया गया कि उनके कार्यालय की ओर से ऐसा कोई कॉल नहीं किया गया था और यह पूरी तरह फर्जी कॉल थी।
दिल्ली से जुड़ा मिला कॉल का कनेक्शन
मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक ने कोझिकोड साइबर सेल में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती तकनीकी जांच में पता चला कि फर्जी व्हाट्सऐप कॉल दिल्ली से जनरेट किया गया था।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इस साइबर ठगी से जुड़े गिरोह की पहचान करने के लिए जांच तेज कर दी है।
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साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच चेतावनी
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग अब आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी निशाना बना रहे हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति या संस्था के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल या पैसों की मांग वाले प्रस्तावों की आधिकारिक पुष्टि करना और तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचना देना बेहद जरूरी है।
