कर्नाटक : मांड्या शोभायात्रा कांड पर विपक्ष ने सिद्धरमैया सरकार को घेरा, अब तक 46 अरेस्ट

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने आज सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली सरकार को राज्य में कानून-व्यवस्था 'चरमराने' के लिए जिम्मेदार ठहराया। मांड्या में भगवान गणेश की मूर्ति की शोभायात्रा के दौरान भड़की हिंसा के बाद पुलिस ने अब तक 46 लोगों को गिरफ्तार किया है।
कर्नाटक : मांड्या शोभायात्रा कांड पर विपक्ष ने सिद्धरमैया सरकार को घेरा, अब तक 46 अरेस्ट
(डिज़ाइन फोटो)
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बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने आज सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली सरकार को राज्य में कानून-व्यवस्था 'चरमराने' के लिए जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि मांड्या जिले में भगवान गणेश की शोभायात्रा पर हमला 'तुष्टीकरण की राजनीति' का प्रत्यक्ष परिणाम ही है। मांड्या में भगवान गणेश की मूर्ति की शोभायात्रा के दौरान भड़की हिंसा के बाद पुलिस ने अब तक 46 लोगों को गिरफ्तार किया है।

इस बाबत अशोक ने मांड्या के नागमंगला शहर में भगवान गणेश की शोभायात्रा के दौरान दो समूहों के बीच हिंसक झड़प के एक दिन बाद यह बात कही है। अशोक ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर आरोप लगाया कि शोभायात्रा पर पत्थर फेंके गए, तलवारें लहराई गईं और देसी बम फेंके गए। हम कर्नाटक में रह रहे हैं या तालिबान में?” उन्होंने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को टैग किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "कांग्रेस सरकार को हिंदुओं पर इस हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।"

उन्होंने यह भी कहा, ''कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की तुष्टीकरण की राजनीति से उत्साहित होकर, मुसलमानों की हिंसक भीड़ ने कल रात नागमंगला में भगवान गणेश की शोभायात्रा पर बर्बरतापूर्वक हमला किया।'' विधानसभा में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने और रामेश्वरम कैफे में बम विस्फोट के बाद, यह एक और ज्वलंत उदाहरण है कि किस तरह कांग्रेस सरकार ने राष्ट्र विरोधी तत्वों को राज्य पर कब्जा करने दिया है, जिससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है।"

अशोक की मानें तो शोभायात्रा पर और हिंदुओं पर हमला मुख्यमंत्री सिद्धरमैया तथा उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार की "तुष्टिकरण की राजनीति के खतरनाक खेल का सीधा नतीजा है, जिसने राष्ट्रविरोधी तत्वों और टुकड़े-टुकड़े गैंग को बढ़ावा दिया है।"

इस घटना पर पुलिस ने बताया कि बीते बुधवार को जब बदरीकोप्पलु गांव से श्रद्धालु शोभायात्रा निकाल रहे थे तब दो समूहों के बीच बहस हो गई और कुछ उपद्रवियों ने पथराव किया जिससे स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि दोनों समूहों के बीच झड़प के बाद कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की गई और वाहनों में आग लगा दी गई।

पुलिस ने यह भी बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और हिंसा प्रभावित कस्बे में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने बताया कि ऐहतियात के तौर पर आगामी 14 सितंबर तक इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। घटना के सिलसिले में 46 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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