सुपारी किलर्स से लेकर साजिश तक, CBI ने सुलझाया भाजपा नेता की हत्या का केस; आरोपी कांग्रेसी विधायक को उम्रकैद
BJP Leader Murder Case Karnataka: भाजपा नेता की हत्या के मामले में कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में 16 अन्य आरोपियों को भी आजीवन कारावास दिया गया है।
- Written By: सजल रघुवंशी
विनय कुलकर्णी (सोर्स- डिजाइन इमेज)
Congress MLA Vinay Kulkarni Life Imprisonment: कर्नाटक में चर्चित भाजपा नेता हत्या मामले में कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उनके अलावा इस मामले में शामिल 16 अन्य आरोपियों को भी आजीवन कारावास दिया गया है। निर्वाचित प्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के न्यायाधीश संतोष गजानन भट्ट ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने सीबीआई की दलीलों को स्वीकार करते हुए इसे जघन्य और सुनियोजित हत्या करार दिया।
जांच एजेंसी सीबीआई ने आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने विधायक विनय कुलकर्णी के सामाजिक और पारिवारिक दायित्वों का हवाला देकर राहत की अपील की थी।
2016 में हुई थी भाजपा नेता की हत्या
यह मामला साल 2016 का है, जब धारवाड़ में भारतीय जनता पार्टी जिला पंचायत सदस्य गौदार की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। 15 जून 2016 को सप्तपुर स्थित उनके जिम में अज्ञात हमलावरों ने हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। जांच के दौरान सामने आया कि इस हमले के पीछे साजिश रची गई थी और किराए के हमलावरों का इस्तेमाल किया गया था। घटना के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी और पीड़ित परिवार के दबाव पर 2019 में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
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सीबीआई जांच और सजा तक का सफर
सीबीआई ने 2020 में दाखिल अपने आरोपपत्र में विनय कुलकर्णी को इस हत्या का मुख्य साजिशकर्ता बताया। एजेंसी के अनुसार, कुलकर्णी ने गौदार को अपना राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानते हुए उन्हें रास्ते से हटाने के लिए सुपारी किलर्स की मदद ली। उसी साल कुलकर्णी को गिरफ्तार किया गया था। अगस्त 2021 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी, जिसमें धारवाड़ में प्रवेश पर रोक शामिल थी।
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गवाहों को भी किया गया प्रभावित
जून 2025 में गवाहों को प्रभावित करने के आरोपों के चलते विनय कुलकर्णी की जमानत रद्द कर दी गई। जनवरी 2026 में हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी लेकिन सभी गवाहों की जांच पूरी होने के बाद 27 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दोबारा जमानत दे दी थी। अब विशेष अदालत के फैसले के बाद कुलकर्णी की विधायकी पर भी खतरा मंडरा रहा है।
