

Karnataka Governor Thawarchand Gehlot In Indore: कर्नाटक की राजनीति में अब नई पटकथा लिखने जा रही है। मुख्यमंत्री पद पर बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है और लगभग सिद्धारमैया का इस्तीफा तय माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि मंत्रियों और विधायकों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद सिद्धारमैया राजभवन जाएंगे और सीएम पद से इस्तीफा देंगे। लेकिन इस बीच एक नया ट्विस्ट सामने आ गया है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने से पहले राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय मांगा है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता साफ करने को कहा और उन्हें पार्टी में केंद्रीय भूमिका के साथ-साथ राज्यसभा में एक सीट की पेशकश की। हालांकि, राज्यपाल इस समय राज्य में मौजूद ही नहीं है।
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत आज मुंबई पहुंचे थे और वर्तमान में वह इंदौर में है। यहां से वह नागदा के लिए रवाना होंगे। ऐसे में आज की तारीख में सिद्धारमैया का राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपना असंभव-सा लग रहा है। इन परिस्थितियों में अब सिद्धारमैया के पास और क्या विकल्प हो सकते है, चलिए आपको बताते है।
ऐसे वक्त पर अगर कर्नाटक के राज्यपाल अगर शहर से बाहर भी रहते है तो सिद्धारमैया उनके ऑपिस में इस्तीफा सौंप सकते है। राज्यपाल अगर दूसरे राज्य में या विदेश में भी हो तब भी वे मुख्यमंत्री का इस्तीफा स्वीकार कर सकते है। आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार इस्तीफा स्वीकार करने के लिए राज्यपाल का खुद लोकभवन में उपस्थित रहना जरूरी नहीं है।
संवैधानिक प्रक्रिया के मुताबिक सिद्धारमैया अपना इस्तीफा राजभवन के अधिकारियों को दे सकते है या फिर फैक्स या ईमेल के जरिए राज्यपाल को भेज सकते हैं। देखा जाए तो राज्यपाल संवैधानिक तौर पर राज्य के प्रमुख होते है इसलिए उनका पद किसी एक स्थान तक सीमित नहीं होता। वह राज्य के बाहर रहकर भी प्रशासनिक कार्य और ऑफिशियल लेटर को मंजूरी देने का अधिकार रखते है।