'पाकिस्तान को साफ संदेश...बख्शा नहीं जाएगा', ऑपरेशन सिंदूर पर बोले आर्मी चीफ

Kargil Vijaya Diwas 2025: कारगिल विजय दिवस पर सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना की तैयारियों और भविष्य की योजनाओं पर जानकारी दी। उन्होंने Operation Sindoor की सफलता पर जोर दिया।
'पाकिस्तान को साफ संदेश...बख्शा नहीं जाएगा', ऑपरेशन सिंदूर पर बोले आर्मी चीफ
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (Image- Social Media)
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General Upendra Dwivedi: थलसेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किए गए हमलों ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के समर्थकों को बख्शा नहीं जाएगा। जनरल द्विवेदी ने यहां करगिल युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के लिए एक संदेश था और साथ ही यॉे पूरे देश (भारत) को गहरा जख्म देने वाले पहलगाम आतंकवादी हमले का जवाब भी था। आर्मी चाफ ने कहा कि  इस बार भारत ने न केवल शोक व्यक्त किया बल्कि ये भी दिखाया कि जवाब निर्णायक होगा।

कड़ा जवाब देना भारत के लिए सामान्य बात

सेना प्रमुख ने विजय दिवस पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दुश्मन को कड़ा जवाब देना भारत के लिए अब सामान्य बात है। उन्होंने कहा, ‘‘देशवासियों द्वारा दिखाए गए विश्वास और सरकार द्वारा दी गई खुली छूट के कारण भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया। कोई भी ताकत जो भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को चुनौती देने या लोगों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगी, उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह भारत के लिए अब सामान्य बात है।''

आतंकवादी ढांचों को नष्ट किया

जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना ने निर्दोषों को कोई नुकसान पहुंचाए बिना पाकिस्तान में नौ महत्वपूर्ण आतंकवादी ढांचों को नष्ट किया। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में आतंकवादी ढांचों को प्रभावी ढंग से निशाना बनाकर निर्णायक जीत हासिल की। सेना ने आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाया और निर्णायक जीत हासिल करने के लिए पाकिस्तान के अन्य आक्रामक प्रयासों को विफल किया।'' जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारत ने शांति का मौका दिया लेकिन पाकिस्तान ने कायरता दिखाई। उन्होंने कहा, ‘‘आठ और नौ मई को पाकिस्तानी कार्रवाई का प्रभावी ढंग से जवाब दिया गया। हमारी सेना की वायु रक्षा एक अभेद्य दीवार की तरह खड़ी रही जिसे कोई भी मिसाइल या ड्रोन भेद नहीं सका।'' जनरल द्विवेदी ने कहा, ‘‘रुद्र ब्रिगेड की स्थापना की जा रही है, जिसके लिए मैंने कल मंजूरी दे दी। इसके तहत हमारे पास एक ही स्थान पर पैदल सेना, मशीनीकृत पैदल सेना, बख्तरबंद इकाइयां, तोपखाने, विशेष बल और मानव रहित हवाई इकाइयां होंगी जो साजो-सामान और युद्ध संबंधी सहायता प्रदान करेंगी।''

‘भैरव लाइट कमांडो' इकाई का गठन

जनरल द्विवेदी ने बताया कि सेना ने एक विशेष बल ‘भैरव लाइट कमांडो' इकाई का गठन किया है जो ‘‘सीमा पर दुश्मन को चौंकाने के लिए हमेशा तैयार'' है। द्विवेदी ने कहा, ‘‘हर पैदल सेना बटालियन में अब एक ड्रोन पलटन है। तोपखाने में ‘शक्तिबाण रेजिमेंट' का गठन किया गया है, जो ड्रोन, ड्रोन रोधी उपकरणों और आत्मघाती ड्रोन से लैस होगी।'' सेना प्रमुख ने कहा कि आगामी दिनों में सेना की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी क्योंकि सेना की वायु रक्षा प्रणालियों को स्वदेशी मिसाइलों से लैस किया जा रहा है।

जनरल द्विवेदी ने पिछले साल रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि शीर्ष नेताओं की उपस्थिति दर्शाती है कि यह केवल एक सेना दिवस नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए एक उत्सव है। उन्होंने कहा, ‘‘बर्फीली चोटियों पर वीरों द्वारा दिए गए बलिदान के कारण ही राष्ट्र सुरक्षित है। हम उनके समर्पण एवं दृढ़ संकल्प को याद करते हैं और उन वीर नायकों को नमन करते हैं जिन्होंने इसलिए अपने प्राणों की आहुति दी ताकि हम सम्मान के साथ शांतिपूर्ण जीवन जी सकें।''

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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