जगदीप धनखड़ खाली करेंगे सरकारी आवास, पूर्व उपराष्ट्रपति का कहां होगा नया ठिकाना?

Jagdeep Dhankhar: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। उन्होंने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद अब अपने सरकारी आवास को खाली करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
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Jagdeep Dhankhar New Residence: जगदीप धनखड़ पिछले साल अप्रैल माह में उपराष्ट्रपति के आधिकारिक आवास में शिफ्ट हुए थे। धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। अब उनको आवास खाली करना होगा।

धनखड़ को पूर्व उपराष्ट्रपति के रूप में नया सरकारी आवास अब तक आवंटित नहीं किया गया है। नियमों के अनुसार उन्हें टाइप-8 श्रेणी का बंगला मिलना चाहिए। इसकी व्यवस्था आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय करता है।

क्या होगा धनखड़ का नया ठिकाना

जगदीप धनखड़ को जब तक टाइप-8 श्रेणी का बंगला नहीं मिल जाता तब तक के लिए वे दक्षिण दिल्ली के छतरपुर एन्क्लेव के एक निजी आवास में रहने की योजना बना चुके हैं। धनखड़ के कार्यालय ने इस संबंध में औपचारिक अनुरोध सरकार को भेजा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व उपराष्ट्रपति को कुछ विकल्प दिए जाएंगे और उनकी पसंद के अनुसार केंद्रीय लोक निर्माण विभाग जरूरी मरम्मत और संशोधन की प्रक्रिया शुरू करेगा। यह प्रक्रिया सामान्यतः तीन महीने का समय लेती है। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई विशेष प्रगति नहीं हुई है, इसलिए उन्होंने निजी आवास को प्राथमिकता दी है।

हाल ही में पेंशन के लिए किया था आवेदन

इसके साथ ही जगदीप धनखड़ ने राजस्थान विधानसभा से पूर्व विधायक के रूप में मिलने वाली पेंशन के लिए भी आवेदन दिया है। वे एक समय कांग्रेस की टिकट पर राजस्थान विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। उपराष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें यह पेंशन मिलनी बंद हो गई थी। लेकिन अब, पद से हटने के बाद, राजस्थान में लागू नियमों के तहत उन्हें फिर से पूर्व विधायक के रूप में पेंशन मिलने की संभावना है। राज्य में यह व्यवस्था है कि अगर कोई व्यक्ति विधायक के बाद सांसद या मंत्री बनता है, तो वह अलग-अलग पदों की पेंशन का हकदार होता है।

धनखड़ पिछले वर्ष अप्रैल में उपराष्ट्रपति आवास में शिफ्ट हुए थे। इस्तीफा देने के बाद मंत्रालय के अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया, लेकिन अब तक उनके स्थायी सरकारी आवास को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। जब तक उन्हें आवास आवंटित नहीं होता, वे छतरपुर में ही अस्थायी रूप से रहेंगे।

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