उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद पहली बार किसी कार्यक्रम में दिखे जगदीप धनखड़, साथ में थे ये दिग्गज

भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar ने इस्तीफे के बाद पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लिया है। वे आज आयोजित हुए नए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के शपथग्रहण समारोह में शामिल हुए।
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उपराष्‍ट्रपति का पद छोड़ने के बाद जगदीप धनखड़ पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखे, फोटो- सोशल मीडिया
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Jagdeep Dhankhar In CP Radhakrishnan Oath Ceremony: शपथ समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया था, जो एक स्थापित संवैधानिक परंपरा है। जगदीप धनखड़ भी परंपरा का सम्मान करते हुए इस महत्वपूर्ण मौके पर उपस्थित हुए। धनखड़ के साथ कई और नेता इसमें शामिल हुए।

समारोह के दौरान जगदीप धनखड़ अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मंच पर बैठे नजर आए। उनके बगल में एक अन्य दिग्गज नेता की उपस्थिति ने भी लोगों का ध्यान खींचा।

धनखड़ के साथ कौन?

पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ के बगल में पूर्व उपराष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू बैठे हुए थे। साथ ही नायडू के ही बगल में एक और पूर्व वीपी हामिद अंसारी भी बैठे थे। खास बात ये रही कि जिस लाइन में जगदीप धनखड़ बैठे थे उसी में लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला भी बैठे हुए दिखाई दिए।

स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर छोड़ा था पद

गौरतलब है कि धनखड़ ने हाल ही में अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने के तत्काल बाद उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना त्यागपत्र सौंपा था। इस्तीफे के बाद उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बना ली थी, और यह पहला अवसर है जब वे किसी सार्वजनिक मंच पर दिखाई दिए।

धनखड़ का इस्तीफा राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का कारण बन गया था। अचानक लिए गए इस फैसले ने कई अटकलों को जन्म दिया था, जिसमें उनकी स्वास्थ्य स्थिति से लेकर भविष्य की योजनाओं तक शामिल थीं। इसके अलावा, उनके नए सरकारी आवास को लेकर भी काफी चर्चा हुई।

धनखड़ के ‘लापता’ होने के दावे पर लगेगी लगाम

शपथ ग्रहण में धनखड़ का पहुंचना बीजेपी के लिए अच्छा संदेश माना जा रहा है। धनखड़ के कार्यक्रम में आ जाने से विपक्ष के आरोपों पर काफी हद तक लगाम लग जाएगी। अभी तक विपक्ष के नेता धनखड़ के 'लापता' हो जाने का दावा कर भाजपा को घेरे में लेने की कोशिश कर रहे थे। पद से इस्तीफा देने के बाद से जगदीप धनखड़ किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए थे। राहुल गांधी के साथ-साथ कई नेताओं ने उनके 'गायब' रहने को लेकर लगातार सवाल उठाए थे।

सीपी राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan) के उपराष्ट्रपति बनने के साथ ही एक नया राजनीतिक अध्याय शुरू हुआ है, लेकिन जगदीप धनखड़ की अचानक विदाई और अब उनकी सार्वजनिक वापसी ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।

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