हाथरस कांड में बाबा की कोई गलती नहीं? SIT रिपोर्ट में आयोजकों को बताया घटना का जिम्मेदार
हाथरस कांड में SIT टीम की ओर से 300 पन्नों का रिपोर्ट तैयार किया गया है। जिसमें मुख्य आयोजक के उपर निशाना साध गया है। यह आरोप लगाया गया कि जरुरत से ज्यादा लोग वहां मौजूद थे। साथ ही प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी निशाना है। हालांकि इस पूरे रिपोर्ट में कहीं भी सूरजपाल उर्फ साकार विश्व हरि का नाम नहीं है।
- Written By: शानू शर्मा
(सोर्स:- सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: हाथरस कांड की जांच कर रही SIT ने 300 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है। जिसमें सत्संग में मची भगदड़ को लेकर आयोजन कमेटी को निशाना साधा है। साथ ही प्रशासन पर भी सवाल उठाए गएं। हालांकि खास बात यह है कि उस 300 पन्नों की रिपोर्ट में सूरजपाल उर्फ साकार विश्व हरि का कोई कहीं नाम नहीं लिया गया।
इस पूरे रिपोर्ट में 119 लोगों का बयान भी दिर्ज है। जिन्होंने घटना को लेकर पूरी कहानी बताई है। जिसमें आयोजन स्थल पर ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के बयान समेत प्रशासन के सभी उच्चाधिकारियों के भी बयान शामिल हैं। इनके अलावा सत्संग घटना के मृतकों के परिवार वालों और घायल लोगों के भी बयान लिखे हैं। मिल रही जानकारी के मुताबिक इस रिपोर्ट में अनुमति से अधिक लोगों को बुलाने का और सही इंतजाम नहीं करने की बात कही गई है।
बाबा के वकील की थ्योरी
बता दें कि इस घटना को लेकर पर सूरज पाल उर्फ साकार विश्व हरि के वकील एपी सिंह ने एक नई थ्योरी दी थी। उन्होंने कहा था कि सत्संग के दौरान कुछ लोगों जहरीला स्प्रे लेकर आए थे। उन्होंने अचानक ही इस स्प्रे को भीड़ में छिड़क दिया और 10 से 12 लोग गाड़ी लेकर भाग गए।
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जिसकी वजह से वहां अफरा-तफरी मच गई। उसमें से कुछ लोग वहीं बेहोश भी हो गए। जिसकी वजह से उनकी जान चली गई। उन्होंने इसे दुर्घटना नहीं हत्या बताते हुए सीसीटीवी कैमरे को सीज करने की बात कही थी।
बाबा का खास
घटना के बाद सत्संग का मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर घटनास्थल से फरार हो गया था। जिसेक बाद पुलिस की ओर से इस पर एक लाख रुपये की इनामी राशि का भी ऐलान किया गया। जिसके बाद पुलिस ने मधुकर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया जो सभी इस आयोजन समिति का हिस्सा थे। मधुकर को बाबा सूरजपाल का खास बताया जाता है। हादसे के बाद बाबा ने मधुकर से कई घंटों तक फोन से बात की थी। इस घटना में 121 लोगों की मौत हुई थी। जिसमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे।
