RPF को मिलीं पहली महिला मुखिया, सोनाली मिश्रा को रेलवे सुरक्षा बल की कमान

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के इतिहास में पहली बार किसी महिला अधिकारी को सर्वोच्च पद की कमान सौंपी गई है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सोनाली मिश्रा को आरपीएफ की पहली महिला महानिदेशक (DG) बनाया गया है।
RPF को मिलीं पहली महिला मुखिया, सोनाली मिश्रा को रेलवे सुरक्षा बल की कमान
आईपीएस सोनाली मिश्रा (सोर्स: सोशल मीडिया)
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मुंबई: मोदी सरकार में महिलाओं को शीर्ष पद पर नियुक्ति को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में RPF के सर्वोच्च पद पर पहली बार किसी महिला की नियक्ति की घोषणा की गई है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सोनाली मिश्रा को रेलवे सुरक्षा बल की पहली महिला महानिदेशक (DG) बनाया गया है।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के इतिहास में पहली बार किसी महिला अधिकारी को सर्वोच्च पद की कमान सौंपी गई है। शनिवार को कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने सोनाली मिश्रा की इस पद पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

सोनाली मिश्रा के बारे में

सोनाली मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। इस समय मध्य प्रदेश पुलिस में अतिरिक्त महानिदेशक (चयन) के पद पर तैनात हैं। वे महानिदेशक मनोज यादव का स्थान लेंगी, जो 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। सोनाली मिश्रा ने अपने विशिष्ट कार्यकाल में कई अहम भूमिकाओं को अंजाम दिया है। जुलाई 2021 में, उन्हें पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के गठन का नेतृत्व करने वाली पहली महिला कमांडर के रूप में नियुक्त किया गया था।

सोनली ने कश्मीर घाटी में बल के गठन का नेतृत्व महानिरीक्षक (IG) के रूप में किया। BSF की एडीजी व खुफिया विंग का भी नेतृत्व किया। सोनाली मिश्रा अपनी सेवानिवृत्ति 31 अक्टूबर, 2026 तक RPF के महानिदेशक के पद पर रहेंगी। उन्हें आरपीएफ की पहली महिला डीजी होने का गौरव प्राप्त हुआ है। इन्हें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस और मेधावी सेवा के लिए पुलिस पदक सम्मान भी मिल चुका है।

रेलवे सुरक्षा बल के बारे में

उल्लेखनीय है कि भारतीय रेलवे की संपत्ति को सुरक्षा प्रदान करने RPF का गठन 1957 में किया गया था। उसके बाद 1966 में इस बल को रेलवे संपत्ति के अवैध कब्जे में शामिल अपराधियों की जांच करने, गिरफ्तार करने और मुकदमा चलाने का अधिकार दिया गया। 20 सितंबर, 1985 को इसे "संघ का एक सशस्त्र बल" का दर्जा दिया गया। अब विश्व के दूसरे सबसे बड़े रेल नेटवर्क के रूप में भारतीय रेलवे अपना स्थान बना रहा है। ऐसे में इसकी सुरक्षा का जिम्मा भी पहली बार एक सशक्त महिला अधिकारी को दिया जाना अपने आप में उपलब्धि दर्शाता है।

-मुंबई से सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट

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