ऑस्ट्रेलिया में भारतीय थेरेपिस्ट की घिनौनी करतूत, 61 महिलाओं से की दरिंदगी, अब हुई 14 साल की जेल

Indian Masseur Jailed in Australia: एडिलेड में भारतीय मूल के मसाज थेरेपिस्ट सुमित रस्तोगी को 61 महिलाओं के यौन शोषण और गुप्त रिकॉर्डिंग के जुर्म में ऑस्ट्रेलिया की अदालत ने करीब 14 साल की कैद सुनाई।
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आरोपी सुमित रस्तोगी, फोटो- सोशल मीडिया
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Sumit Rastogi Adelaide Case: ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में दिल्ली से गए एक भारतीय मूल के मसाज थेरेपिस्ट ने एक-दो नहीं, बल्कि 61 महिलाओं के साथ खिलवाड़ किया। अदालत ने इस शख्स की करतूतों को 'नियंत्रण से बाहर' और 'शोषणकारी' करार देते हुए उसे एक लंबी सजा सुनाई है।

सुमित सतीश रस्तोगी नाम का यह 39 वर्षीय शख्स साल 2011 में बेहतर भविष्य की तलाश में दिल्ली से एडिलेड शिफ्ट हुआ था। एडिलेड के पश्चिमी उपनगर ग्लेनेल्ग में वह एक मसाज पार्लर में काम करता था। अक्टूबर 2021 से जुलाई 2022 के बीच, यानी महज 9 महीनों के भीतर उसने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। जांच में सामने आया कि सुमित ने उन महिलाओं को अपना निशाना बनाया जो पूरी तरह से अनजान थीं। जज कारमेन माटेओ ने सुनवाई के दौरान सख्त लहजे में कहा कि सुमित का आचरण पूरी तरह से अनैतिक था और उसने उन महिलाओं के सम्मान और गरिमा का उल्लंघन किया जो सुरक्षा और सम्मान की हकदार थीं।

कई महिलाओं ने सुनाई आपबीती

अदालत में जब पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनाई, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। एक महिला ने बताया कि वह अपने हनीमून के दौरान वहां मसाज के लिए गई थी। वह पल जो उसकी जिंदगी के सबसे खुशनुमा पलों में से एक होना चाहिए था, सुमित की घिनौनी हरकत की वजह से एक डरावनी याद में तब्दील हो गया। उसने बताया कि इस घटना के बाद उसका पुरुष डॉक्टरों पर से भी भरोसा उठ गया है। कई महिलाओं ने बताया कि इस शोषण ने न केवल उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया, बल्कि उनके वैवाहिक जीवन में भी दरार पैदा कर दी है। एक सर्वाइवर ने बताया कि इंसाफ के इंतजार में 1,271 दिन बीत गए।

बिना डिग्री के मसाज के नाम पर चला रहा था गंदा खेल

सुमित रस्तोगी के पास मसाज थेरेपी की कोई डिग्री नहीं थी, फिर भी वह पैसे लेकर यह सेवाएं दे रहा था। सुमित ने कुल 97 अपराधों को स्वीकार किया है, जिनमें 55 मामले गुप्त तरीके से अश्लील फिल्म बनाने और 42 मामले गंभीर यौन शोषण के शामिल हैं। जैसे-जैसे सुमित का आत्मविश्वास बढ़ता गया, उसके अपराध भी गंभीर होते गए। उसने न केवल महिलाओं के साथ गलत व्यवहार किया, बल्कि उनके निजी पलों की गुप्त रिकॉर्डिंग भी की।

हालांकि बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में सुमित की ओर से माफी मांगी और इसे एक 'वॉयुरिस्टिक डिसऑर्डर' (गुप्त रूप से नग्न या अर्ध-नग्न लोगों को देखने की बीमारी) का नाम दिया, लेकिन जज ने स्पष्ट किया कि यह बीमारी उसे उसके किए की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं करती।

जेल की सजा काटने के बाद ऑस्ट्रेलिया से होगा डिपोर्ट

साउथ ऑस्ट्रेलिया डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने सुमित रस्तोगी को 13 साल और 10 महीने की जेल की सजा सुनाई है। कानून के मुताबिक उसे कम से कम 10 साल और 10 महीने जेल में बिताने ही होंगे, जिसके बाद ही वह पैरोल के लिए पात्र होगा। सुमित को साल 2022 में गिरफ्तार किया गया था और उसकी सजा उसी समय से गिनी जाएगी, जिसका मतलब है कि वह 2035 से पहले जेल से बाहर नहीं आ पाएगा। अदालत ने यह भी संकेत दिया है कि अपनी पूरी सजा काटने के बाद उसे ऑस्ट्रेलिया से हमेशा के लिए डिपोर्ट कर दिया जाएगा।

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