जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी चोट डॉक्टर की मौत से पहले की थीं, तथा इसमें नौ आंतरिक घावों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें सिर की मांसपेशियों, गर्दन और शरीर के अन्य भागों में हुए घाव भी शामिल हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर की मौत के पीछे कई लोग शामिल हैं, जिसका शव नौ अगस्त को आरजी कर अस्पताल के सेमिनार कक्ष में मिला था। इस मामले की जांच शुरू में कोलकाता पुलिस ने की थी, जिसे बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया था।