भारत को मिला 'फ्लाइंग तोप', मेड इन अमेरिका अपाचे हेलिकॉप्टर से सेना की शक्ति...

भारतीय सेना की शक्ति सीमा पर बढ़ने वाली है। भारत को मेड इन अमेरिका तीन अपाचे हेलिकॉप्टर मिले हैं। अभी तीन मिलने बाकी हैं। ये हेलिकॉप्टर भारत ने अमेरिका से खरीदा है।
भारत को मिला 'फ्लाइंग तोप', मेड इन अमेरिका अपाचे हेलिकॉप्टर से सेना की शक्ति...
अपाचे हेलिकॉप्टर (फोटो-सोशल मीडिया)
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नई दिल्लीः भारतीय सेना का लंबा इंतजार खत्म हो गया। जल्द ही अमेरिका से खरीदे गए अटैक अपाचे हेलीकॉप्टर भारतीय सेना शामिल होने जा रहे हैं। मंगलवार को गाजियाबाद स्थित वायुसेना के हिंडन एयरबेस पर भारतीय थल सेना के लिए अपाचे हेलीकॉप्टर्स की पहली खेप पहुंची। यहां तीन अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की पहली खेप हिंडन एयरबेस पर सफलतापूर्वक उतारी गई है। यह हेलीकॉप्टर सेना के एविएशन विंग का हिस्सा होंगे।

डिफेंस के जानकारों के अनुसार भारतीय थल सेना के लिए यह दिन एक ऐतिहासिक है। सेना को ऐसे कुल 6 हेलीकॉप्टर मिलने हैं। शेष तीन हेलीकॉप्टर्स की डिलीवरी साल के अंत तक हो जाएगी। अपाचे हेलीकॉप्टर ‘फ्लाइंग तोप’ नाम से भी जाना जाता है। ये दुनिया के सबसे उन्नत अटैक हेलीकॉप्टर में गिना जाता हैं।

अपाचे हेलीकॉप्टर की खासियत

भारतीय सेना का लंबा इंतजार खत्म हो गया। जल्द ही अमेरिका से खरीदे गए अटैक अपाचे हेलीकॉप्टर भारतीय सेना शामिल होने जा रहे हैं। मंगलवार को गाजियाबाद स्थित वायुसेना के हिंडन एयरबेस पर भारतीय थल सेना के लिए अपाचे हेलीकॉप्टर्स की पहली खेप पहुंची। यहां तीन अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की पहली खेप हिंडन एयरबेस पर सफलतापूर्वक उतारी गई है। यह हेलीकॉप्टर सेना के एविएशन विंग का हिस्सा होंगे।

डिफेंस के जानकारों के अनुसार भारतीय थल सेना के लिए यह दिन एक ऐतिहासिक है। सेना को ऐसे कुल 6 हेलीकॉप्टर मिलने हैं। शेष तीन हेलीकॉप्टर्स की डिलीवरी साल के अंत तक हो जाएगी। अपाचे हेलीकॉप्टर ‘फ्लाइंग तोप’ नाम से भी जाना जाता है। ये दुनिया के सबसे उन्नत अटैक हेलीकॉप्टर में गिना जाता हैं।

अपाचे की तैनाती से थल सेना को मिलेगी मजबूती

भारतीय सेना के एविएशन कोर को मिलने वाले अपाचे हेलीकॉप्टर की यह पहली खेप है, भारतीय सेना का मानना है कि ये आधुनिक हेलीकॉप्टर सेना की संचालन क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएंगे। सेना का कहना है कि इन अपाचे हेलीकॉप्टरों की तैनाती से थल सेना को आधुनिक युद्धक अभियानों में तेज, सटीक और शक्तिशाली हवाई समर्थन मिलेगा। भारतीय सेना ने इसे एक मील का पत्थर करार दिया है। भारतीय थल सेना की मारक क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया यह एक अहम कदम है।

एडवांस कॉम्बेट में अपाचे की गिनती

गौरतलब है कि अपाचे हेलीकॉप्टर की गिनती एडवांस कॉम्बेट हेलीकॉप्टरों में होती है। सेना अपने इन अटैक हेलीकॉप्टर्स को पाकिस्तानी सीमा के करीब जोधपुर में तैनात कर सकती है। अपाचे हेलीकॉप्टर के रूप में भारतीय सेना को एक और जबरदस्त हथियार मिला है। इस हथियार के लिए सेना कापी समय से इंतजार कर रही थी। सेना को अपाचे हेलीकॉप्टर की यह डिलीवरी यह बीते वर्ष जून में मिलनी थी। मंगलवार सुबह करीब 15 महीने के इंतजार के बाद ये अपाचे हेलीकॉप्टर भारत आ गए। इन हेलीकॉप्टर्स में लॉन्गबो रडार है जो कि एक उन्नत रडार प्रणाली है। यह एक साथ 128 टारगेट को पहचान करके 16 सेकेंड में निशाना बना सकती है।

इसी साल मिलेंगे 3 और हेलिकॉप्टर

वहीं हेलफायर मिसाइलें हवा से सतह पर मार करने करती हैं। ये मिसाइलें टैंक व बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने के लिए विकसित की गई हैं। इसमें हवा से जमीन पर मार करने वाले रॉकेट हैं। इसकी स्वचालित तोप उच्च दर की फायरिंग करती है, जो इसे नजदीकी लड़ाई में कारगर बनाती है। रक्षा मंत्रालय ने 6 अपाचे हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए अमेरिका के साथ एक समझौता किया था। इनमें से तीन हेलीकॉप्टरों की खेप मंगलवार को भारत पहुंच गई। अब शेष तीन हेलीकॉप्टर भी इसी कैलेंडर वर्ष के भीतर भारत को मिल सकते हैं।

-एजेंसी इनपुट के साथ

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