

Indian Air Force Day 2025: भारतीय वायुसेना आज अपना 93वां स्थापना दिवस पूरे जोश और गर्व के साथ मना रही है। इस ऐतिहासिक अवसर पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने राष्ट्र को विश्वास दिलाया है कि वायुसेना हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। आज सुबह दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर सीडीएस जनरल अनिल चौहान और तीनों सेना प्रमुखों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद गाजियाबाद के हिंडन एयर बेस पर मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस समारोह में 'ऑपरेशन सिंदूर' में अदम्य साहस दिखाने वाले 97 एयर फाइटर्स समेत कई वीरों को सम्मानित किया जाएगा। वायुसेना दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संबोधन में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में वायु शक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा का एक निर्णायक अंग बन गई है। उन्होंने सभी वायुसैनिकों को नमन करते हुए कहा कि देश की सीमाओं, नागरिकों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा हमारा सर्वोच्च दायित्व है और हमारी प्रतिबद्धता अटूट है। हमारे वायुसैनिक आकाश के सच्चे प्रहरी हैं।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने विशेष रूप से 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए इसे सशस्त्र बलों के बीच बेहतरीन समन्वय, नेतृत्व और स्वदेशी क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान साबित करता है कि जब सेनाएं एकजुट होती हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। इसके साथ ही उन्होंने वायुसेना की मानवीय भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बाढ़, प्राकृतिक आपदाओं या विदेश से नागरिकों को निकालने जैसे 'ऑपरेशन सिंधु' और 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के दौरान वायुसेना ने हमेशा सबसे पहले पहुंचकर सेवा की है, जो मानवीय सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण है।
भविष्य के रोडमैप पर बात करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय वायुसेना नवाचार, प्रौद्योगिकी और आत्मनिर्भरता के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रही है। हम अपनी लड़ाकू क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहे हैं और आने वाले समय में भी राष्ट्र के आकाश की रक्षा पूरी निष्ठा से करते रहेंगे। उन्होंने वायुसेना के दिग्गजों द्वारा दी गई विरासत और नेतृत्व के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और उन्हें प्रेरणा का आधार बताया। अंत में उन्होंने समस्त देशवासियों को वायुसेना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए "जय हिंद" के नारे के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।