MH-60R ‘सीहॉक’ हेलीकॉप्टरों के लिए भारत-अमेरिका में 7,995 करोड़ का बड़ा रक्षा समझौता
India-US Defence Deal: भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ी! अमेरिका से 7,995 करोड़ रुपये का रक्षा सौदा हुआ। इसमें MH-60R 'सीहॉक' हेलीकॉप्टरों के रखरखाव और कल-पुर्जों की सप्लाई शामिल है।
- Written By: प्रिया सिंह
MH-60R 'सीहॉक' हेलीकॉप्टर (सोर्स - सोशल मीडिया)
India US Sign Major Defence Deal Worth Rs 7995 Crore: भारतीय नौसेना ने अपनी समुद्री शक्ति बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारत ने अमेरिका के साथ MH-60R ‘सीहॉक’ हेलीकॉप्टर बेड़े के लिए एक बड़ा रक्षा समझौता किया है। यह सौदा लगभग 8,000 करोड़ रुपये का है, जिसका उद्देश्य नौसेना के इन 24 बहुउद्देशीय हेलीकॉप्टरों को लगातार समर्थन देना है। यह डील ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को बढ़ावा देते हुए भारत-अमेरिका की मजबूत साझेदारी को भी दर्शाती है।
अमेरिका से 7,995 करोड़ का ‘सीहॉक’ सौदा
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। हाल ही में, भारत ने अमेरिकी नौसेना के 24 MH-60R ‘सीहॉक’ हेलीकॉप्टरों के बेड़े को अगले पांच वर्षों तक सपोर्ट देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते की कीमत 7,995 करोड़ रुपये है और यह भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता को और बढ़ाएगा। यह सौदा अमेरिकी विदेशी सैन्य बिक्री (FMS) कार्यक्रम के तहत ‘पत्र ऑफर एंड एक्सेप्टेंस’ (LOA) के माध्यम से पूरा किया गया है।
कल-पुर्जों की सप्लाई और तकनीकी सहायता
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह समझौता विशेष रूप से फॉलो-ऑन सप्लाई और फॉलो-ऑन सपोर्ट पैकेज के लिए है। लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित इन हेलीकॉप्टरों के लिए यह पैकेज बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें कई आवश्यक चीजें शामिल हैं:
सम्बंधित ख़बरें
सिंधु जल संधि पर भारत का पाकिस्तान को कड़ा जवाब, हेग कोर्ट का फैसला खारिज; कहा- ‘अवैध’ है यह पूरी प्रक्रिया
Farakka Treaty: फरक्का संधि पर अड़ा बांग्लादेश, भारत से संबंध सुधारने के लिए रखी नई शर्त
नीदरलैंड के बाद आज स्वीडन पहुंचेंगे PM मोदी, आठ साल बाद होने जा रहा है दौरा, जानिए किन मुद्दों पर रहेगा फोकस
India Netherlands Pacts: पीएम मोदी और नीदरलैंड के पीएम जेटन ने कई अहम समझौतों पर किये हस्ताक्षर
- आवश्यक कल-पुर्जे और सहायक उपकरण।
- उत्पाद समर्थन और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण।
- जरूरी तकनीकी सहायता और पुर्जों की मरम्मत का प्रावधान।
यह सब सुनिश्चित करेगा कि MH-60R हेलीकॉप्टर हर समय उड़ान भरने के लिए तैयार रहें और उनकी परिचालन उपलब्धता (Operational Availability) बेहतरीन बनी रहे।
MH-60R: हर मौसम का बहुउद्देशीय योद्धा
MH-60R हेलीकॉप्टर को ‘ब्लैकहॉक’ का समुद्री संस्करण माना जाता है। यह एक बहुउद्देशीय हेलीकॉप्टर है जो किसी भी मौसम में काम कर सकता है। यह दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने (एंटी-सबमरीन वारफेयर – ASW) और सतह पर मौजूद युद्धपोतों से निपटने (एंटी-सर्फेस वारफेयर – ASuW) की उन्नत क्षमताओं से लैस है। यह डील नौसेना को अपने हेलीकॉप्टरों को दूर-दराज के स्थानों और युद्धपोतों से कुशलतापूर्वक संचालित करने की क्षमता प्रदान करेगी, जिससे मिशनों में अधिकतम प्रदर्शन सुनिश्चित होगा।
‘आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा
यह सौदा भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत‘ दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह दीर्घकालिक क्षमता निर्माण सुनिश्चित करता है और कल-पुर्जों के लिए अमेरिकी सरकार पर निर्भरता को कम करेगा। इस पहल के तहत, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) और अन्य भारतीय फर्मों के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों और सेवाओं का विकास किया जाएगा। इसमें भारत के भीतर ही पुर्जों की मरम्मत और समय-समय पर रखरखाव की सुविधाएं विकसित करना भी शामिल है, जिससे देश में रक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी।
यह भी पढ़ें: मतदान से पहले नेपाल में हलचल! PM कार्की ने अचानक लिया सेना की तैयारियों का जायजा, कह दी ये बात
पुरानी डील और बेड़े की तैनाती
इससे पहले, भारत ने फरवरी 2020 में 24 MH-60R हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए 15,157 करोड़ रुपये का मूल समझौता किया था। इन बेड़ों को INAS 334 स्क्वाड्रन के रूप में मार्च 2024 में कोच्चि के आईएनएस गरुड़ पर पूरी तरह से तैनात कर दिया गया था। यह नया समझौता भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को और मजबूत करता है और समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक संयुक्त प्रयास है।
