भारत-ब्रिटेन के बीच हुई ऐतिहासिक डील, आज से लागू हुआ FTA, दोनों देशों के व्यापार में आएगा बंपर उछाल

India UK Trade Deal: भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता लागू होने पर ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए द्विपक्षीय व्यापार में 25 अरब पाउंड की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है।
India UK reaffirm commitment to free trade agreement in strategic dialogue
भारत और ग्रेट ब्रिटेन ( सौजन्य : सोशल मीडिया )
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India-UK FTA Deal 2026: भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लागू होने को दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यापार, निवेश, रोजगार और आर्थिक सहयोग के नए अवसर खोलेगा और दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।  समझौते के लागू होने पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कैमरून ने कहा कि भारत-यूके एफटीए आज से प्रभावी हो गया है। उन्होंने इसे आधुनिक भारत-ब्रिटेन रिश्तों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा, इससे लंबे समय में दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार में 25 अरब पाउंड से अधिक की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जबकि दोनों देशों की संयुक्त जीडीपी में लगभग 5 अरब पाउंड का इजाफा हो सकता है।

FTA से दोनों देशों को होगा फायदा

लिंडी कैमरून ने कहा कि इस समझौते से आयात शुल्क में कमी, बाजार तक बेहतर पहुंच और कारोबार करने की प्रक्रिया आसान होने से छोटे-बड़े सभी व्यवसायों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि नए कोटा सिस्टम के तहत ब्रिटेन में निर्मित प्रीमियम कारों पर भी आयात शुल्क धीरे-धीरे कम होगा, जिससे प्रतिष्ठित ब्रिटिश ऑटोमोबाइल ब्रांड भारतीय ग्राहकों के लिए अधिक किफायती बनेंगे। उन्होंने इस समझौते को व्यापार समझौतों का नया गोल्ड स्टैंडर्ड बताते हुए कहा कि यह अब तक दोनों देशों के बीच सबसे व्यापक मुक्त व्यापार समझौता है। इसमें वस्तुओं, सेवाओं, सरकारी खरीद और अन्य क्षेत्रों से जुड़े 30 चैप्टर्स शामिल हैं।

99 प्रतिशत तक घटेगा आयात शुल्क

कैमरून के मुताबिक, अब ब्रिटेन में जाने वाले करीब 99 प्रतिशत भारतीय उत्पाद शुल्क-मुक्त होंगे, जबकि भारत में आने वाले ब्रिटिश निर्यात की लगभग 90 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क समाप्त या कम कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, इस समझौते से बुनियादी ढांचा, स्वच्छ ऊर्जा, वित्तीय सेवाएं, विनिर्माण, रचनात्मक उद्योग और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा। साथ ही इंजीनियरों, सलाहकारों और अन्य पेशेवरों के लिए दोनों देशों के बीच कामकाजी आवाजाही भी आसान होगी।

स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को होगा फायदा

स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र भी इस समझौते का बड़ा लाभार्थी होगा। पर्यावरण और हरित प्रौद्योगिकी से जुड़े 98 प्रतिशत उत्पादों को उदार व्यापार व्यवस्था के दायरे में लाया गया है, जिससे भारत के ऊर्जा परिवर्तन कार्यक्रम को गति मिलेगी और ब्रिटेन से टरबाइन, जनरेटर तथा अक्षय ऊर्जा उपकरणों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि समझौते के तहत सरकारी खरीद के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे। इससे ब्रिटिश कंपनियों को भारत के लगभग 38 अरब पाउंड मूल्य वाले केंद्रीय सरकारी खरीद बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जबकि भारतीय कंपनियों को भी ब्रिटेन में सरकारी खरीद परियोजनाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

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