होर्मुज की खाड़ी में भारतीय जहाजों पर फायरिंग: भारत ने ईरानी राजदूत को किया तलब, जताई कड़ी आपत्ति

India Summons Iranian Ambassador: होर्मुज IRGC की गनबोट्स द्वारा दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की गई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को तलब कर इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है।
Firing on Indian Ships in the Strait of Hormuz: India Summons Iranian Ambassador, Lodges Strong Protest
रणधीर जायसवाल, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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India Summons Iranian Ambassador Ship Firing: होर्मुज की खाड़ी में सुरक्षा स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। शनिवार को भारतीय झंडे वाले दो व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग की घटना सामने आने के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, नई दिल्ली में ईरान के राजदूत को शनिवार शाम विदेश मंत्रालय बुलाया गया, जहां विदेश सचिव ने इस गंभीर घटना पर भारत की गहरी चिंता से उन्हें अवगत कराया।

'जग अर्णव' और 'सन्मार हेराल्ड' को बनाया निशाना

विदेशी मीडिया और रक्षा सूत्रों के अनुसार, जिन दो जहाजों पर गोलीबारी हुई उनकी पहचान ‘जग अर्णव’ (Jag Arnav) और ‘सन्मार हेराल्ड’ (Sanmar Herald) के रूप में की गई है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘जग अर्णव’ पर सीधे तौर पर फायरिंग की गई, जबकि दूसरा जहाज किसी तरह सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहा। यह हमला ओमान के उत्तर-पूर्व में करीब 20 नॉटिकल मील की दूरी पर हुआ।

बिना चेतावनी IRGC गनबोट्स ने की गोलीबारी

यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) की चेतावनी के अनुसार, टैंकर के मास्टर ने बताया कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की दो गनबोट्स अचानक उनके करीब आईं और बिना किसी रेडियो (VHF) चेतावनी के अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हमले में टैंकर के चालक दल को कोई शारीरिक नुकसान नहीं हुआ है और जहाज सुरक्षित है।

भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया

विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत के साथ बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने ईरान को याद दिलाया कि पूर्व में भी उसने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने में सहयोग किया है।

भारत ने राजदूत से आग्रह किया है कि वे तेहरान के अधिकारियों तक भारत के कड़े संदेश को पहुंचाएं और होर्मुज स्ट्रेट से भारत आने वाले जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता देने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से बहाल करें। ईरानी राजदूत ने आश्वासन दिया है कि वे भारत की इन चिंताओं को अपने अधिकारियों तक पहुंचाएंगे।

होर्मुज क्यों है जरूरी?

होर्मुज की खाड़ी एक बेहद संकरा लेकिन रणनीतिक रूप से बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को खुले समुद्र और वैश्विक बाजारों से जोड़ता है। यही वह रास्ता है जिसके जरिए खाड़ी क्षेत्र के तेल उत्पादक देश अपना कच्चा तेल दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाते हैं। दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता रहा है।

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