

President Droupadi Murmu Romania Visit : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में भारत और रोमानिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने अगले तीन से पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने विशेष ब्रीफिंग में बताया कि 1994 के बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह पहली राजकीय रोमानिया यात्रा है, जो दोनों देशों के संबंधों के लिए ऐतिहासिक महत्व रखती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन के बीच हुई वार्ता में व्यापार और निवेश, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आईटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन, औद्योगिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और ड्रोन तकनीक जैसे क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर भी सहमति जताई। विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह यात्रा भारत-रोमानिया संबंधों के साथ-साथ भारत और यूरोपीय संघ के सहयोग को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा दिखाती है कि भारत, रोमानिया के साथ अपनी साझेदारी को कितना महत्व देता है। इससे दोनों देशों के रिश्तों को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही, यूरोपीय संघ के साथ भारत के सहयोग और बहुपक्षीय स्तर पर मिलकर काम करने को भी बढ़ावा मिलेगा। यह यात्रा भारत और रोमानिया के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत करती है।
जॉर्ज ने बताया कि गुरुवार शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का रोमानिया के राष्ट्रपति ने स्वागत किया और राष्ट्रपति भवन में उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया। इसके बाद, दोनों राष्ट्रपतियों के बीच दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक हुई।
इन बैठकों में व्यापार और निवेश, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, आईटी, महत्वपूर्ण खनिज, उर्वरक, दवा और स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, खेल, संस्कृति और लोगों की आवाजाही जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग की समीक्षा की गई और आगे की योजनाओं पर चर्चा हुई।
जॉर्ज ने बताया कि दोनों राष्ट्रपतियों ने भरोसा जताया कि भारत और रोमानिया के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता होने के बाद इसमें और तेजी आएगी। दोनों पक्षों ने अगले तीन से पांच वर्षों में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
उन्होंने बताया कि रक्षा सहयोग दोनों देशों की साझेदारी का एक अहम क्षेत्र बनकर उभर रहा है। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी रक्षा संस्थाओं के बीच बढ़ते सहयोग का स्वागत किया। इसमें इस साल मई में हुई रक्षा सहयोग पर संयुक्त समिति की बैठक भी शामिल है। जॉर्ज ने बताया कि रक्षा उत्पादन, औद्योगिक सहयोग, रक्षा तकनीक, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करने की काफी संभावनाएं हैं। कई भारतीय कंपनियां रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास और संयुक्त उत्पादन के अवसर तलाश रही हैं। इनमें नागरिक और रक्षा विमानन के साथ-साथ नई पीढ़ी की ड्रोन तकनीक भी शामिल है।