रोमानिया पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू...एयर पोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत, जानिए भारत को क्या मिलेगा फायदा

President Droupadi Murmu: राष्ट्रपति मुर्मू तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में रोमानिया पहुंचीं। वह राष्ट्रपति डैन से मुलाकात कर भारत-रोमानिया संबंधों और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगी।
President Droupadi Murmu Romania Visit:
रोमानिया में राष्ट्रपति मुर्मू का हुआ भव्य स्वागत (सोर्स- @rashtrapatibhvn)
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President Droupadi Murmu Romania Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को अपनी तीन देशों की यात्रा के आखिरी चरण में रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट पहुंचीं। यह राजकीय यात्रा पूर्वी यूरोप के साथ भारत के कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। यह 2026 में राष्ट्रपति मुर्मू की पहले विदेश यात्रा है। राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपनी तीन देशों की राजकीय यात्रा के आखिरी पड़ाव के तहत रोमानिया के बुखारेस्ट पहुंचीं। हवाई अड्डे पर रोमानिया की विदेश मंत्री ओआना-सिल्विया तोइउ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति मुर्मू रविवार को भारत से रवाना हुई थीं। इस यात्रा के दौरान वह मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया का दौरा कर रही हैं।

रोमानिया के राष्ट्रपति से करेंगी अहम बैठक

रोमानिया यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर डैन और कार्यवाहक प्रधानमंत्री इलिए बोलोजान के साथ बातचीत करेंगी। वह रोमानिया की सीनेट के अध्यक्ष मिर्सेआ अब्रुडेन, प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष सोरिन ग्रिंडियानु और भारत-रोमानिया संसदीय मित्रता समूह के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगी। इसके अलावा, राष्ट्रपति भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगी और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी बातचीत करेंगी।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने पिछले सप्ताह कहा था, रोमानिया यूरोपीय संघ का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के पूरा होने के बाद आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी और मजबूत होगी। राष्ट्रपति की तीन देशों की यह यात्रा दिखाती है कि भारत इन देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और पूरे पूर्वी यूरोपीय क्षेत्र के साथ अपने जुड़ाव को बढ़ाने को कितना महत्व देता है।

पूर्वी यूरोप के साथ रिश्ते मजबूत करने पर जोर

मंगलवार को उत्तर मैसेडोनिया की संसद में अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत दक्षिण-पूर्वी यूरोप को विकास और नए विचारों के एक उभरते केंद्र के रूप में देखता है, न कि किसी हाशिए वाले क्षेत्र के रूप में। उन्होंने कहा, हम मानव इतिहास के एक महत्वपूर्ण दौर में मिल रहे हैं। दुनिया में राजनीतिक और आर्थिक ताकतों का संतुलन बदल रहा है। इस नए दौर में भारत दक्षिण-पूर्वी यूरोप को हाशिए का क्षेत्र नहीं, बल्कि विकास और नवाचार के एक गतिशील केंद्र के रूप में देखता है। एजेंसी इनपुट के साथ- 

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