सकते में ड्रैगन! भारत को मिला मल्टी-रोल गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट ‘INS तुशील’, जानें हिंद महासागर के नए रक्षक को
आधुनिक मल्टी-रोल स्टील्थ-गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट 'आईएनएस तुशील (एफ 70)' को बीते सोमवार भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। इस युद्धपोत से हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
- Written By: राहुल गोस्वामी
आईएनएस तुशील
नई दिल्ली: जहां एक तरफ, आधुनिक मल्टी-रोल स्टील्थ-गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट ‘आईएनएस तुशील (एफ 70)’ को बीते सोमवार भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। वहीं यह खास युद्धपोत रूस के कलिनिनग्राद में स्वयं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में भारत को डिलीवर किया गया। वहीं इस मौके रक्षा मंत्री ने ‘INS तुशील’ की कमीशनिंग को भारत की बढ़ती समुद्री ताकत का एक गौरवपूर्ण प्रमाण बताया है।
जानकारी दें कि, दुनिया भर में तकनीकी रूप से सबसे उन्नत फ्रिगेट में से एक माने जाने वाले इस युद्धपोत से हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां ड्रैगन की बढ़ती गतिविधियां देखी गई हैं।
Delighted to attend the Commissioning Ceremony of #INSTushil, the latest multi-role stealth-guided missile frigate, at the Yantar Shipyard in Kaliningrad (Russia). The ship is a proud testament to India’s growing maritime strength and a significant milestone in long-standing… pic.twitter.com/L6Pok31wQJ — Rajnath Singh (@rajnathsingh) December 9, 2024
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फ्रिगेट ‘आईएनएस तुशील (एफ 70)’ की कमीशनिंग पर राजनाथ बोले कि, यह युद्धपोत भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। भारत और रूस के संबंध साझा मूल्यों, आपसी विश्वास व विशेष रणनीतिक विशेषाधिकार से एक साथ बंधे हुए हैं।
Indian National anthem being played as INS Tushil gets commissioned in Kalingard, Russia pic.twitter.com/w0OZ9y85Wl — Sidhant Sibal (@sidhant) December 9, 2024
जानें ‘INS तुशील’ को
- INS तुशील कई उन्नत हथियारों से लैस है।
- इसमें संयुक्त रूप से विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल, उन्नत रेंज के साथ वर्टिकली लॉन्च करने वाली मिसाइल भी हैं।
- INS तुशील मध्यम दूरी की एंटी-एयर और सतह गन से लैस है।
- इसमें क्लोज-रेंज रैपिड फायर गन सिस्टम, पनडुब्बी रोधी टॉरपीडो और रॉकेट व उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और संचार सूट भी हैं।
- INS तुशील कामोव-28 और कामोव-31 जैसे उन्नत हेलीकॉप्टरों को भी ले जाने में सक्षम है
- INS तुशील 125 मीटर लंबा और 3,900 टन वजनी है।
- INS तुशील भारतीय नौसेना की पश्चिमी कमान के अंतर्गत भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े में शामिल हुआ है।
- INS तुशील 30 समुद्री मील से अधिक की गति प्राप्त करने में सक्षम है।
- इस जहाज के निर्माण में प्रमुख ओईएम ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, केलट्रॉन, नोवा इंटीग्रेटेड सिस्टम, एल्कोम मरीन, जॉनसन कंट्रोल्स इंडिया और कई अन्य भारतीय संगठन शामिल रहे हैं।
